Sunday, August 23खबर जो असर करे |
Shadow

धीरेन्द्र शास्त्री बोले- रावण तो ये भी… बस रूप बदल गया, इन्होंने तो लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी की…

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir offering theft case) में अब धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रावण तो ये भी हैं, बस रूप बदल गए हैं. रावण ने तो माता जानकी की चोरी की थी, इन्होंने तो रामंदिर के दान पात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी की है. करोड़ों लोगो का भरोसा चोरी हुआ है. हमें खबर मिली की FIR हुई है, अभी और जांच हो और पकड़े जायेंगे।


धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि इतना हम कह सकते हैं सच तो सच है. सीता को चुराने वाले रावण का वंश नाश हुआ था, राम मंदिर में चोरी करने वालों को सरकारी दंड तो मिलेगा ही साथ ही भगवान महादंड भी देंगे।


मामले में 8 को किया गया गिरफ्तार
आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की गई है. मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस मामले में 8 लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है. साथ ही आरोपी बनाए गए 8 नामजद को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।


जिन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं. इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


SIT के प्रमुख और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बीते मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई, जिसके बाद गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई. अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


संतोष दुबे ने लगाया बड़े लोगों को बचाने का आरोप
अयोध्या में राम मंदिर दान से जुड़े कथित चोरी और अनियमितता के मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गरमाता जा रहा है. इसी क्रम में बाबरी ढांचा विध्वंस मामले के प्रमुख आरोपियों में रहे संतोष दुबे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।


संतोष दुबे ने कहा कि इस मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि उनके अनुसार पूरे प्रकरण की जवाबदेही तय किए बिना न्याय नहीं हो सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर निर्णय लेने और व्यवस्था की जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।


उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों डॉ. अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल राव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो सभी संबंधित लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए. संतोष दुबे ने अपने बयान में सत्ता परिवर्तन तक की बात कहते हुए कहा कि इस मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *