नई दिल्ली। भारत-नेपाल सीमा (India-Nepal Border) पर अब व्यक्तियों की पहचान से संबंधित दस्तावेज और वाहनों के परमिट की जांच में एसएसबी (SSB) द्वारा सख्ती बरती जाएगी। सीमा पर सभी तरह के दस्तावेजों की गहन जांच पड़ताल (Thorough Scrutiny Documents) होगी। एसएसबी की प्रत्येक बीओपी/कंपनी/बटालियन के पूरे क्षेत्र में औचक व नियमित गश्त बढ़ाई जा रही है।
नाकाबंदी-चेक पोस्ट से गुजरने वाले व्यक्तियों और वाहनों को विशेष जांच से गुजरना होगा। बॉर्डर के विभिन्न हिस्सों पर सीसीटीवी (CCTV), दूरबीन, एनवीडी और थर्मल इमेजर (Thermal imager) जैसे उपकरण लगाए जाएंगे। नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल, (एपीएफ) और कस्टम विभाग ने चूक पकड़े जाने के बाद भारत नेपाल सीमा पर सख्ती बढ़ाई गई है।
ठीक से जांच न होने से नेपाल पहुंच गया था अवैध सामान
हाल ही में, ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नेपाल के ‘सशस्त्र पुलिस बल’ और ‘सीमा शुल्क विभाग’ ने कीमती अवैध सामान के साथ भारतीय नागरिकों को पकड़ा था। पड़ोसी राष्ट्र के मीडिया में यह खबर आई कि पकड़े गए भारतीय व्यक्तियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों से मंजूरी मिलने के बाद ही सीमा चौकी पार की थी। यह मामला एसएसबी तक भी पहुंचा। एसएसबी के डीजी ने इस तरह की चूक को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बल के जिम्मेदार अधिकारियों से कहा, इस तरह की घटनाओं से पता चलता भारत-नेपाल सीमा पर व्यक्तियों और वाहनों की पेशेवर तरीके से जांच नहीं की जा रही है।
ये निर्देश दिए गए
– सीमा पार करने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान और वाहनों के परमिट की जांच मौजूदा निर्देशों व मान्य दस्तावेजों के अनुसार सुनिश्चित की जाए
– उचित जांच व तलाशी के बिना किसी भी व्यक्ति या वाहन को सीमा पार करने की अनुमति नहीं।
– पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी, दूरबीन, एनवीडी और थर्मल इमेजर आदि जैसे अन्य उपलब्ध तकनीकी उपकरणों का लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
– किसी भी व्यक्ति या वाहन को सुरक्षा जांच और तलाशी के बिना सीमा पार नहीं जाने दिया जाएगा।
