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लश्कर के आतंकी की मुस्लिम देशों को धमकी… बोला- इजरायल को मान्यता देने वाले हो जाएंगे तबाह

तेहरान। प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन (Banned Terrorist Organisation) लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba- LeT) के डिप्टी चीफ और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी (Saifullah Kasuri) ने एक भड़काऊ भाषण जारी किया है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कसूरी ने इजरायल को मान्यता देने वाले किसी भी मुस्लिम देश या शासक को बर्बाद और तबाह होने की धमकी दी है।


भारतीय खुफिया एजेंसियों के शीर्ष सूत्रों के अनुसार कसूरी का यह बयान पाकिस्तान सरकार द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords) में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकराने के तुरंत बाद आया है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की आधिकारिक विदेश नीति और चरमपंथियों के आपस में मेल खाने के एक खतरनाक संकेत के रूप में देख रहे हैं।


अब्राहम अकॉर्ड्स पर अमेरिका को पाकिस्तान का इनकार
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने और अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने का दबाव बनाया था। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने पारंपरिक रुख को दोहराते हुए इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। पाकिस्तान का कहना है कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं हो जाती वह इजरायल को मान्यता नहीं देगा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी सार्वजनिक रूप से उन सुझावों को खारिज कर दिया था, जिसमें मुस्लिम-बहुल देशों को इस समझौते का हिस्सा बनने की बात कही जा रही थी।


पाक-सऊदी रक्षा समझौते को कसूरी ने दिया जिहादी रंग
सैफुल्लाह कसूरी ने अपने भाषण में सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते का जिक्र करते हुए इसे इजरायल के खिलाफ एक सैन्य मोर्चे के रूप में पेश करने की कोशिश की। कसूरी ने दावा किया, “पहले पाकिस्तान से इजरायल की दूरी 4,000 किलोमीटर थी। लेकिन आज अपनी पूरी ताकत, तकनीक और संसाधनों के साथ पाकिस्तान दुश्मन को तबाह करने के लिए इजरायल से महज 400 किलोमीटर की दूरी पर यानी कि सऊदी अरब में मौजूद है।” उसने पाकिस्तान को मुस्लिम जगत का रक्षक और सऊदी अरब को आध्यात्मिक और वैचारिक नेता घोषित किया।


भारतीय खुफिया एजेंसियों की चेतावनी
शीर्ष भारतीय खुफिया अधिकारियों ने कसूरी के दावों को पूरी तरह भ्रामक और जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने का एक हथकंडा बताया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सितंबर 2025 में हुआ पाक-सऊदी समझौता मुख्य रूप से पारस्परिक सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी सहयोग के लिए है। खुफिया सूत्रों का कहना है, “यह समझौता व्यापक सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है, न कि इजरायल से 400 किलोमीटर दूर किसी आक्रामक सैन्य तैनाती के लिए।”


कौन है कासुरी?
सैफुल्लाह कसूरी उर्फ खालिद भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हुए अंधाधुंध हमले के पीछे इसी का हाथ था। उस नरसंहार में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया था।

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