कार्यस्थल में तनाव रोकने के लिए समय‑प्रबंधन और सकारात्मक व्यवहार अनिवार्य, डॉ. सरला द्विवेदी ने कहा
धमतरी, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। एक दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. सरला द्विवेदी, मनोविज्ञान की सहायक प्राध्यापक, ने कार्यस्थल में तनाव के प्रमुख कारणों एवं उनके निपटने के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि समय प्रबंधन की कमी, अचानक उत्पन्न होने वाली अप्रत्याशित स्थितियां, सहकर्मियों का अनुचित व्यवहार और प्रभावी संचार कौशल की कमी तनाव के मुख्य उत्प्रेरक हैं। लगातार तनाव से व्यक्ति अवसाद की स्थिति में पहुँच सकता है और उसकी कार्यक्षमता घट जाती है। उन्होंने तनाव को कम करने के लिए चार मुख्य कदम सुझाए: तनावपूर्ण कार्यों को टालना, बदलते माहौल के अनुरूप खुद को ढालना, परिस्थितियों को स्वीकार कर प्राथमिकता अनुसार कार्य करना तथा कम आवश्यक कार्यों को दूसरों को सौंपना।
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