
धमतरी, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। एक दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. सरला द्विवेदी, मनोविज्ञान की सहायक प्राध्यापक, ने कार्यस्थल में तनाव के प्रमुख कारणों एवं उनके निपटने के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि समय प्रबंधन की कमी, अचानक उत्पन्न होने वाली अप्रत्याशित स्थितियां, सहकर्मियों का अनुचित व्यवहार और प्रभावी संचार कौशल की कमी तनाव के मुख्य उत्प्रेरक हैं। लगातार तनाव से व्यक्ति अवसाद की स्थिति में पहुँच सकता है और उसकी कार्यक्षमता घट जाती है। उन्होंने तनाव को कम करने के लिए चार मुख्य कदम सुझाए: तनावपूर्ण कार्यों को टालना, बदलते माहौल के अनुरूप खुद को ढालना, परिस्थितियों को स्वीकार कर प्राथमिकता अनुसार कार्य करना तथा कम आवश्यक कार्यों को दूसरों को सौंपना।
अल्पकालिक राहत के लिए योग, प्राणायाम और गहरी साँस लेने की तकनीकों को उपयोगी बताया गया। विशेष रूप से बॉक्स ब्रीदिंग, बेली ब्रीदिंग और बीच‑बीच में रिफ्रेशमेंट ब्रेक लेने से मानसिक तनाव में कमी आती है। विवाद की स्थिति में थोड़ी देर के लिए उस स्थान से हट जाना भी प्रभावी माना गया।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति को कछुए की तरह संयमित रहना चाहिए; जैसे कछुआ खतरा महसूस होने पर अपने कवच में सिमट जाता है, वैसे ही नकारात्मक परिस्थितियों में धैर्य और आत्मसंयम बनाए रखना चाहिए। नियमित व्यायाम, विनम्रता, हँसी‑मजाक और सकारात्मक गतिविधियों से शरीर में डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन, एंडोर्फिन तथा सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव बढ़ता है, जो मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने प्राणायाम में “ओम” के गुंजार, नमस्कार की भारतीय परम्परा और क्षमा‑माफी के महत्व पर भी चर्चा की। जापानी संस्कृति में क्षमा और सहज व्यवहार को तनाव‑मुक्त जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बताया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. हेमवती ठाकुर, ग्रेस कुजूर, डॉ. एके सिंह (सेवानिवृत्त), केपी कोसिमा, पल्लवी बरड़िया, डॉ. वेदवती देवांगन, जयश्री पंचांगम, रश्मि कुजूर और डॉ. सीमा साहू सहित सभी शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया। इस सभा का संचालन आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. तामेश्वरी साहू ने किया तथा प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने समापन पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
