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Tag: किसान

कोरिया: सिंचाई और मछली पालन से दोहरी आमदनी कमा रहे वनवासी किसान

कोरिया: सिंचाई और मछली पालन से दोहरी आमदनी कमा रहे वनवासी किसान

छत्तीसगढ़, राज्य
बैकुंठपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। खेतों को समय पर पानी प्राप्त होने पर किसान की मेहनत रंग लाती है और उनकी जिंदगी में खुशहाली आती है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चिल्का के वनवासी किसान गुरचरन सिंह की कहानी इसी सत्य को उजागर करती है। पहले सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण खेती से निराश होकर मजदूरी करने को मजबूर रहे गुरचरन अब रबी फसल और मछली पालन से दोहरी आमदनी कमा रहे हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित गुरचरन सिंह के पास पारिवारिक बंटवारे में मिली लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि है। पहले, सिंचाई के अभाव में वे पूरी तरह बारिश पर निर्भर थे। जब बारिश कम होती थी, तो उनकी फसलें खराब हो जाती थीं और रबी की खेती करने की कोई उम्मीद नहीं रहती थी। ऐसे समय में उन्हें परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरों के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती थी। पिछले वर्ष ग्राम पंचायत की कार्ययो...
अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

छत्तीसगढ़, राज्य
अंबिकापुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। सरगुजा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिली है। सुव्यवस्थित प्रबंधन के फलस्वरूप धान बेचने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सरल, सुगम और त्वरित हो गई है। अंबिकापुर की किसान मनोरमा पाठक ने धान खरीद व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक बदलाव बताया। मनोरमा पाठक ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि ग्राम सोहगा में उनकी लगभग पांच एकड़ 20 डिसमिल जमीन में खेती है। इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वे केवल 22 क्विंटल धान ही विक्रय के लिए उपलब्ध कर पाईं। इसके बावजूद, धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से टोकन कटवाने से लेकर विक्रय तक की प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी-मुक्त रही। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया सुचारू थी ...
ऑनलाइन टोकन से लेकर त्वरित भुगतान तक धान खरीद व्यवस्था से संतुष्ट किसान चमरा सिंह

ऑनलाइन टोकन से लेकर त्वरित भुगतान तक धान खरीद व्यवस्था से संतुष्ट किसान चमरा सिंह

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा धान खरीद हेतु की गई सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था अब प्रदेश के किसानों के लिए एक विश्वास का स्रोत बन गई है। सर्वाधिक समर्थन मूल्य, ऑनलाइन टोकन प्रणाली और त्वरित भुगतान जैसी योजनाएं किसानों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि उन्हें आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही हैं। इस प्रणाली का लाभ उठाते हुए पाली विकासखंड के ग्राम डोड़की के किसान चमरा सिंह ने इस खरीफ वर्ष में उपार्जन केंद्र चैतमा में 54 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। सिंह के पास 4.5 एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते हैं। राज्य सरकार की प्रभावी धान खरीद प्रणाली का लाभ नियमित रूप से उन्हें मिल रहा है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण उन्हें किसी भी भीड़, अव्यवस्था या अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने न...
आत्मा योजना से बदली खेती की तस्वीर, गंगरेल उच्चहन क्षेत्र में रागी उत्पादन को बढ़ावा

आत्मा योजना से बदली खेती की तस्वीर, गंगरेल उच्चहन क्षेत्र में रागी उत्पादन को बढ़ावा

छत्तीसगढ़, राज्य
धमतरी, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कृषि विभाग द्वारा संचालित आत्मा योजना के अंतर्गत धमतरी विकासखंड के डांगीमांचा एवं खिड़कीटोला गांव में किसानों ने अब तक की सबसे बड़ी पहल के तहत करीब 35 एकड़ में रागी (मिलेट) की खेती शुरू की है। गंगरेल बांध के उच्चहन क्षेत्र में, जो कि वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र है, यहां 50 वर्षों के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि इस क्षेत्र में लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। रागी की खेती की यह शुरुआत एक ऐतिहासिक कदम है। आत्मा योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बीज उत्पादन पद्धति और फसल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है, जिससे उनकी आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में आयोजित मिलेट महोत्सव के उपरांत, 10 जनवरी को ग्राम स्तर ...
रायपुर में अपेडा क्षेत्रीय कार्यालय से खुलेगा छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात का नया वैश्विक द्वार: मुख्यमंत्री साय

रायपुर में अपेडा क्षेत्रीय कार्यालय से खुलेगा छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात का नया वैश्विक द्वार: मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (अपेडा) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करना छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। यह पहल प्रदेश के किसानों, एफपीओ और निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर राज्य की कृषि को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के मंच से शुरू की गई यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य कृषि निर्यात के मानचित्र पर मजबूती के साथ स्थापित करेगी। जीआई टैग प्राप्त विशिष्ट चावल किस्म जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, साथ ही राज्य के अन्य कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बनाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा एवं कृषि आधारित उद्यमों को भी प्रोत्साहन मि...
बलरामपुर : पारदर्शी धान खरीद से किसान खुशहाल, अधौरा के किसान ने शासन की नीति को बताया आर्थिक मजबूती की राह

बलरामपुर : पारदर्शी धान खरीद से किसान खुशहाल, अधौरा के किसान ने शासन की नीति को बताया आर्थिक मजबूती की राह

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्य में धान खरीद की व्यवस्था को लेकर क्रियान्वित की गई पारदर्शी और किसानहितैषी नीति का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार की गई इस व्यवस्था का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है और उनमें भरोसा भी बढ़ा है। बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम अधौरा के किसान शिवनाथ राम ने धान खरीद प्रक्रिया पर अपनी संतोषजनक राय व्यक्त करते हुए शासन की तात्कालिक पहल की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि इस समय की व्यवस्था ने धान बिक्री को सरल, सुगम और पूर्णतः पारदर्शी बना दिया है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। किसान शिवनाथ राम के अनुसार, उन्होंने इस वर्ष उपार्जन केंद्र पर लगभग 400 बोरी धान बिना किसी रुकावट के बेचा। खरीद प्रक्रि...
अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

मध्य प्रदेश, राज्य
अनूपपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में तीन हाथियों का समूह पिछले एक महीने से लगातार जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में डेरा जमाए हुए है। ये हाथी देर रात अचानक जंगल से लगे गांवों में पहुंचकर किसानों के खेतों और घरों में घुस जाते हैं, जिससे आसपास के लोग हमेशा डर और सहम के साए में जीते हैं। रविवार-सोमवार की रात को इन हाथियों ने ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव की गोढाटोला में दिनेश राठौर, विकास राठौर और कन्हैया राठौर के खेतों में तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, भलुवान टोला में छंगू सिंह के घर में भी तोड़फोड़ की। तीन हाथियों के समूह में एक छोटा हाथी भी शामिल है, जो झंडीटोला जंगल से अकेला निकलकर चोई गांव में विकास राठौर के खेत में लगे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद जंगल की ओर लौट गया। सोमवार को सभी तीन हाथी धनगवां बीट के तुर्का डोंगरी जंगल में लौट आए...
एमसीबी: 184 क्विंटल धान बिक्री ने बदली जिंदगी, किसान अभय की मेहनत को मिला पूरा सम्मान

एमसीबी: 184 क्विंटल धान बिक्री ने बदली जिंदगी, किसान अभय की मेहनत को मिला पूरा सम्मान

छत्तीसगढ़, राज्य
मनेंद्रगढ़, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान लागू की गई पारदर्शी, सुगम और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए नई उम्मीद और विश्वास का आधार बन रही है। प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों का लाभ अब सीधे खेतों और गांवों तक पहुंच रहा है। इसी बदली व्यवस्था की जमीनी सफलता की मिसाल मनेंद्रगढ़ ग्राम कोड़ा निवासी किसान अभय कुमार पांडेय की प्रेरणादायक कहानी है। अभय कुमार पांडेय ने कोड़ा उपार्जन केंद्र में कुल 184 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया और अपनी मेहनत की पूरी कीमत प्राप्त की। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी की नीति ने उन्हें मजबूत आर्थिक संबल प्रदान किया। पहले जहां किसान अपनी उपज की कीमत को लेकर चिंतित रहते थे, वहीं इस वर्ष की व्यवस्था ने यह भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हर दाने की सही...
देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल देगी विकसित भारत जी-राम-जी योजनाः कृष्णा गौर

देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल देगी विकसित भारत जी-राम-जी योजनाः कृष्णा गौर

मध्य प्रदेश, राज्य
सीहोर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि विकसित भारत- "जीरामजी योजना" केवल रोजगार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह कानून आया है। यह योजना देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल देगी। प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने सोमवार को सीहोर में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत-जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन में आने वाले क्रांतिकारी बदलावों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गांवों को अधिक अधिकार और स्...
एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान बेचने का समय नहीं, बल्कि उनके लिए भरोसे, सम्मान और आत्मविश्वास से भरपूर एक नया अध्याय बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक और तकनीक आधारित धान खरीद व्यवस्था ने यह यकीन दिलाया है कि अब किसानों की मेहनत सुरक्षित है और उनका सही मूल्य समय पर सीधे बैंक खाते में पहुंचाया जा रहा है। इस नए प्रणाली का जीवंत उदाहरण बने हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण पोड़ीडीह के किसान रमाशंकर, जिन्होंने खड़गवां उपार्जन केंद्र पर धान बेचकर इस नई व्यवस्था की प्रभावशीलता को अनुभव किया। रमाशंकर एक सरल, मेहनती और संघर्षशील किसान हैं, जिन्होंने अनिश्चित मौसम, बढ़ती लागत और बाजार के दबावों के बावजूद धान की फसल का उत्पादन किया। राज्य सरकार की प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की नीति और...