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सप्ताह का महाधमाका‑ निफ्टी 25,000 और सेंसेस 81,000 के पार, विदेशी निवेशकों की तूफ़ानी वापसी

नई दिल्ली, 07 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। घरेलू शेयर बाजार ने बीते कारोबारी हफ्ते में शानदार प्रदर्शन किया। इस पूरे सप्ताह सेंसेस और निफ्टी दोनों मुख्य सूचकांक लगातार मजबूती के साथ ट्रेड होते रहे। अमेरिकी मिड‑टर्म चुनाव सर्वे में डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी की हार और डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ‑साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की आक्रामक वापसी ने ट्रेडिंग फ़्लोर पर उमंग भर दी।

इस तेज़ी के चलते 6 नवंबर को समाप्त हुए कारोबारी हफ्ते में, 27 फ़रवरी के बाद पहली बार निफ्टी ने 25,000 अंक और सेंसेस ने 81,000 के स्तर को पार किया। पूरे हफ्ते के शानदार लेन‑देन के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेस 6,598.49 अंक यानी 8.82 % की साप्ताहिक बढ़त के साथ 81,028.02 अंक पर बंद हुआ। उसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 साप्ताहिक आधार पर 1,977.25 अंक, अर्थात 8.58 % की छलांग लगाते हुए 25,030.35 अंक पर समाप्त हुआ।

2 नवंबर से 6 नवंबर तक के इस सप्ताह में शेयर बाजार ने लगातार उछाल दिखाया, परंतु इस दौरान शॉर्ट‑टर्म वोलैटिलिटी को मापने वाला इंडिकेटर इंडिया वीआईएक्स 13.71 % के बड़े उछाल के साथ 17.72 के स्तर तक पहुंच गया, जो आने वाले दिनों में उतार‑चढ़ाव की संभावना को दर्शाता है।

दिग्गज शेयरों की तेज़ी के बावजूद अंतिम सत्र में ब्रॉड‑मार्केट पर बेचनी का दबाव बना रहा, जिससे मिड‑कैप और स्मॉल‑कैप इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ़्ते के ट्रेड में ऑटोमोबाइल और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने सबसे बड़ा योगदान दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसी कंपनियां साप्ताहिक गेनर्स की सूची में अग्रणी रहीं, जबकि मुनाफ़ा‑वसूली के दबाव में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन जैसी इकाइयां लाल निशान में बंद हुईं।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बम्पर लिवाली ने भारतीय बाजार में सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया। अमेरिकी टेक कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन और एआई निवेश पर उठ रहे सवालों के कारण निवेशक अब भारत की ओर लौट आए हैं, जिससे घरेलू बाजार को समर्थन मिला है। इसके साथ ही पिछले सप्ताह सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) द्वारा विदेशी निवेशकों को लॉन्ग‑टर्म कैपिटल गेंस टैक्स पर बड़ी छूट देने के प्रस्ताव की खबर ने भी तेज़ी को और तेज़ किया। इस खबर ने मार्केट लिक्विडिटी को मजबूत बूस्ट दिया, परन्तु छोटे‑कैप शेयरों में अंतिम सत्र में हुई मुनाफ़ा‑वसूली यह संकेत देती है कि व्यापक बाजार में निवेशक अभी भी सतर्क रहेंगे, जिससे अगली सप्ताह में सेक्टोरल रोटेशन की संभावना बनी रहेगी।

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