
एम्स्टर्डम, 07 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। नीदरलैंड की राजधानी में माइक्रोसॉफ्ट के डेटा सेंटर निर्माण को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध हुआ। शुक्रवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारी साइट में घुसकर विस्तृत विरोध प्रदर्शन किया, जिससे डच पुलिस के साथ झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिये पुलिस ने आंसू गैस और लाठियों का प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि एक पुलिस अधिकारी को हल्की चोट आई।
रूसी अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) ने डच मीडिया के हवाले से बताया कि प्रदर्शनकारियों ने स्लॉटरडिज्क इलाके में निर्मित डेटा सेंटर की सुरक्षा बाड़ को एंगल ग्राइंडर से काटा और बाड़ के ऊपर से कूद कर निर्माण स्थल के अंदर प्रवेश किया। आयोजकों के अनुसार दोपहर तक लगभग 500 प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर लिया था। उन्होंने फ्लेयर्स जलाए, दीवारों पर ग्रैफिटी की, और क्रेन व मचान पर चढ़कर बैनर लहराए।
प्रस्तावित डेटा सेंटर का क्षमता 78 मेगावाट बताया गया है और इसमें तीन टावर निर्मित हो रहे हैं, जो प्योर डेटा सेंटर्स कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के लिए तैयार कर रही है। विरोधकर्ता इस परियोजना को रोकने की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि बड़े डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं, जिससे स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। जलवायु संगठन फॉसिलव्रीज नीदरलैंड ने साइट के बाहर अलग से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीन के झंडे भी लहराए गए और कुछ ने माइक्रोसॉफ्ट को इज़राइली सेना और अमेरिकी आव्रजन एजेंसी को तकनीकी सेवाएँ प्रदान करने के संदर्भ में सवाल उठाए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डेटा सेंटर का उपयोग निगरानी और सैन्य उद्देश्यों के लिये भी हो सकता है।
स्थिति बिगड़ने पर दंगा-रोधी पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने आंसू गैस और लाठी के प्रयोग से प्रदर्शनकारियों को खाली करवाया और कई लोगों को बिना अनुमति के स्थल में प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लेकर बसों से बाहर ले जाया गया।
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह परियोजना को लेकर जनता की चिंताओं और विरोध के अधिकार का सम्मान करता है, परंतु वह कानून का उल्लंघन करने या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों का समर्थन नहीं करता।
यह विरोध स्टॉप डर्टी डेटा सेंटर्स नामक यूरोपीय अभियान का हिस्सा है, जिसमें 100 से अधिक नागरिक संगठनों की भागीदारी है। 6 और 7 नवंबर को ब्रिटेन, स्पेन, आयरलैंड, पोलैंड, क्रोएशिया, डेनमार्क, फ्रांस सहित कुल 16 देशों में समान प्रदर्शन की योजना है। प्रदर्शक बड़े डेटा सेंटर निर्माण पर तत्काल रोक की मांग कर रहे हैं, जब तक बिजली, पानी, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।
