
कोलकाता, 05 नवंबर (हि.स.)। मास आर्ट नामक संस्था के आड़ में दुर्गा पूजा के पास की अवैध बिक्री और धन‑उगाही के आरोपों में गिरफ्तार किए गए ध्रुवज्योति बसु उर्फ शुभो को अदालत ने बरी नहीं किया। कोलकाता की बैंकशाल कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ध्रुवज्योति की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 13 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रहने का आदेश दिया।
पुलिस के अनुसार, इस घोटाले का मुख्य केंद्र मास आर्ट संस्था रही, जो पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन के नेतृत्व में संचालित होती थी, जबकि संस्था की रूपरेखा को मूल रूप से इंद्रनील और ध्रुवज्योति की साझेदारी बताया जा रहा है। इसी संस्था के माध्यम से व्यापक भ्रष्टाचार का जाल बुना गया था। जांच के दौरान इंद्रनील सेन की बेटी ने लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में उपस्थित होकर अपनी सहयोगी भूमिका दर्ज करवाई।
गुज़रते हुए गुरुवार को हुई सुनवाई में ध्रुवज्योति के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि उनके मुवक्किल को पुलिस ने नहीं गिरफ्तार किया, बल्कि उसने स्वयं आत्मसमर्पण किया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपित ने पुलिस के समक्ष पेश होने से पहले शाम छह बजकर पाँच मिनट पर एक ईमेल भेजा, जिसमें उसने पूरी तरह से सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की थी। वकील ने यह भी बताया कि ध्रुवज्योति की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले ही एक याचिका दायर की जा चुकी है। बचाव ने यह तर्क दिया कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ फर्जी हैं, परन्तु अदालत में अभी तक कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता के वकील ने इस दावे का कड़ा विरोध किया और कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार किया गया ध्रुवज्योति ही इस पूरी फर्जीवाड़े का असली सरगना है। सरकारी वकील ने भी इन तर्कों का समर्थन करते हुए जमानत का दृढ़ विरोध किया, जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस रिमांड का आदेश सुनाया।
दूसरी ओर, इस भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय ने मामले की बारीकी से जांच करने के बाद जान‑से‑मारने की धमकियों का आरोप लगाया। सुरक्षा की आशंका जताते हुए उन्होंने कोलकाता के बेहाला थाने का दरवाजा खटखटाया और कोलकाता पुलिस आयुक्त को ई‑मेल भेजकर तत्काल सुरक्षा व उचित कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब ध्रुवज्योति को रिमांड पर ले जाकर इस सुनियोजित रैकेट में शामिल अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों की पहचान करने की गहन कोशिश कर रही है।
