
भोपाल, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के दावों के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर निवेश की वास्तविक स्थिति और सरकारी खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
पटवारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में इस आंकड़े को प्रस्तुत किया था। सरकार ने इसे उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया, परंतु अब स्पष्ट होना चाहिए कि इनमें से कितना निवेश वास्तव में प्रदेश में आया और कितनी परियोजनाएँ जमीन पर उतरीं।
पत्र में मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच निवेश आकर्षित करने और प्रचार-प्रसार पर लगभग 230 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है। इनमें 186.64 करोड़ निवेश सम्मेलनों पर, 34 करोड़ तीन विदेश यात्राओं पर, 9.05 करोड़ नौ शहरों में आयोजित बैठकों पर, और 82 करोड़ भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर खर्च हुए।
पटवारी ने निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल कंपनियों के वित्तीय दावों की सत्यता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पाँच प्रमुख बिंदुओं पर जवाब माँगा: 1) अब तक प्रदेश में आए वास्तविक निवेश, 2) जमीन पर उतरी परियोजनाएँ, 3) उत्पादन शुरू करने वाले उद्योगों की संख्या, 4) निवेशकों की वित्तीय क्षमता का सत्यापन प्रक्रिया व जिम्मेदार अधिकारी, तथा 5) सरकारी खर्च के अनुपात में मिले परिणामों का विवरण।
उन्होंने यह भी पूछा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं और रोड शो से कितने निवेशक मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आगे आए और कितनी परियोजनाओं में पूंजी लगी। रोजगार के दावों पर सवाल उठाते हुए, पटवारी ने वास्तविक रूप से स्थायी रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की।
अंततः पटवारी ने माँग की कि सरकार 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर श्वेतपत्र जारी करे, जिसमें प्रत्येक प्रमुख निवेश, निवेशक की पहचान, परियोजना की वर्तमान स्थिति, वास्तविक पूंजी निवेश और उससे मिले रोजगार का प्रमाणिक विवरण शामिल हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी जांच में लापरवाही या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का पता चलता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
