
भोपाल, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास सचिव जीवी रश्मि ने बुधवार को बताया कि देवउठनी ग्यारस के अवसर पर बड़े पैमाने पर होने वाले सामूहिक विवाहों को देखते हुए राज्य में बाल विवाह की रोकथाम के लिये एक विस्तृत विशेष अभियान चलाया जाएगा। आगामी 20 नवंबर 2026 को इस त्यौहार पर होने वाले विवाहों को लेकर विभाग ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम व वार्ड में सूचना दल गठित किए जाएंगे, जबकि जिला व ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित होंगे। इन कंट्रोल रूमों को उड़न दस्ते के माध्यम से विवाह स्थलों की निगरानी करने का कार्य सौंपा गया है। यदि कोई बाल विवाह का संदेह उत्पन्न होता है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत स्तर पर बाल विवाह रोकने की शपथ ली जाएगी, जिसमें पंच, सरपंच, पंचायत सचिव, अध्यक्ष एवं पार्षद शामिल होंगे। यह शपथ पत्र पंचायत और वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा। विवाह मुहूर्त से कम से कम एक सप्ताह पहले स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों से जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी, तथा सरकारी स्कूलों व महाविद्यालयों में छात्रों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और उपलब्ध हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी जाएगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, ग्राम कोटवार एवं पंचायत सचिवों के सहयोग से 18 वर्ष से कम आयु की अविवाहित किशोरियों की सूची तैयार की जाएगी और यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रदान की जाएगी। संवेदनशील परिवारों को कानूनी प्रावधानों एवं दुष्परिणामों की समझाइश दी जाएगी तथा विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत राज्यस्तरीय कार्यशाला 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई थी, जहाँ प्रशिक्षित अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर बनाकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। इस दौरान राजस्व, पुलिस, पंचायत, ग्रामीण विकास तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया।
जागरूकता के लिये स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप समूह और दीवार लेखन का उपयोग किया जाएगा। धर्मगुरु, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि एवं प्रभावशाली व्यक्तियों से सहयोग लिया जाएगा। नागरिक बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सभी जिलों को अभियान के दौरान की गई जनजागरूकता गतिविधियों, रोके गए मामलों और देवउठनी ग्यारस पर की गई कार्रवाई के प्रतिवेदन पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
