
भोपाल, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। दीपावली के पूर्वाभास के साथ मध्य प्रदेश में सफाई व्यवस्था को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वेतन वृद्धि, स्थायी नियुक्ति और सरकारी कर्मचारी दर्जा जैसी चार मुख्य माँगों को लेकर बुधवार से प्रदेशभर के सफाईकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर ली है। इस कारण राजधानी भोपाल की गली‑मोहल्लों और बाजारों से कचरा नहीं उठाया गया, जबकि डोर‑टू‑डोर कचरा संग्रहण में लगे वाहन भी गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर ही ठहरे रहे। न्यू मार्केट सहित कई क्षेत्रों में कचरे के ढेर जमने लगे हैं।
हड़ताल पर लौटने का निर्णय तभी होगा जब सरकार के साथ हुई वार्ता में माँगों पर ठोस समाधान हो। यदि समाधान नहीं हुआ तो सफाई कर्मचारी दीपावली के दिन भी काम नहीं करेंगे, इस प्रकार त्योहार से ठीक पहले शहर की स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ सकती है।
मांगों पर चर्चा के लिए बैठक निर्धारित
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262)
के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति से प्रदेशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव मनोज दुबे से मुलाकात का प्रस्ताव रखा गया है। यदि बैठक में माँगों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया जाता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगरीय निकायों और 374 नगर परिषदों के कुल एक लाख से अधिक सफाईकर्मी इस आंदोलन में शामिल हैं। हड़ताल के दौरान घर‑घर से कचरा संग्रहण के साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई भी रुक जाएगी।

भोपाल में रोजाना लगभग 850 टन कचरा उत्पन्न होता है और इस काम को संभालने के लिये 400 से अधिक वाहन चलाए जाते हैं। प्रत्येक वाहन दो‑तीन चक्कर लगाकर कचरा एकत्र करता है और फिर 17 ट्रांसफर स्टेशनों से टैंकरों के माध्यम से आदमपुर छावनी पहुँचाया जाता है। इस प्रकार हड़ताल के दीर्घकालिक प्रभाव से कचरा निपटान की पूरी व्यवस्था बाधित हो सकती है।
मुख्य माँगे
1. सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी दर्जा प्रदान किया जाए।
2. न्यूनतम वेतन को 25,000 रुपये प्रतिमाह तय किया जाए।
3. सभी सफाईकर्मियों को स्थायी किया जाए तथा ठेका प्रणाली समाप्त की जाए।
4. पति या पत्नी की मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता दी जाए।
पिछले मंगलवार को जहाँगीराबाद चौराहे पर सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, परन्तु जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुँच पाए। इससे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव की योजना बनाई, लेकिन पुलिस ने बेरिकेडिंग कर आगे की गति रोक दी। दो घंटे के बाद वे शाहजहांनियों पार्क तक पहुँच कर रात भर धरना दे रहे थे।
