Thursday, November 5खबर जो असर करे |
Shadow

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मैदानी स्वास्थ्य अमले से संवाद कर सुधरी स्वास्थ्य सेवाएँ

भोपाल, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय, भोपाल से टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह और निवाड़ी जिलों में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से संवाद करके स्वास्थ्य सेवाओं की मैदानी स्थिति और कार्यों की प्रगति का सर्वेक्षण किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (एमएमआर एवं आईएमआर) में कमी लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की शत-प्रतिशत पहचान तथा जोखिम के अनुरूप उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय रहते भर्ती और उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से लगभग एक सप्ताह पूर्व उपयुक्त संस्थान में भर्ती कराने की व्यवस्था पर विशेष बल दिया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता में मैदानी अमले का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से नियमित संवाद करने, उनके अनुभवों और समस्याओं को समझने तथा अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोत्साहन के साथ-साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार भी अत्यंत आवश्यक है।

सभी चिकित्सकों से कहा गया कि वे अपने दायित्वों का बेहतर नियोजन करके सेवा के प्रति समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। उप मुख्यमंत्री ने यह भी ज़ोर दिया कि समय का उचित प्रबंधन कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है।

प्रिवेंशन पर विशेष जोर देते हुए शुक्ल ने कहा कि ‘प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर’ के सिद्धांत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएँ चलानी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से एनसीडी सहित विभिन्न बीमारियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना अनिवार्य है। टेलीमेडिसिन सेवाओं का आवश्यकता अनुसार प्रभावी उपयोग करने और मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न करने की बात भी कही। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही उचित स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल सुनिश्चित करें।

उप मुख्यमंत्री ने बीएमओ तथा सीएमएचओ को निर्देश दिया कि वे स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग करें, स्वच्छता, आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और मरीजों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएँ देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

समीक्षा के दौरान टीकमगढ़ जिले के पीएचसी बराना की डॉ. भूमि सक्सेना ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ का अच्छा सहयोग मिलता है और ग्रामीणजन स्वास्थ्य सेवाओं से संतुष्ट हैं तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। पीएचसी के डॉ. गगन सिंह ने भी अपने कार्यक्षेत्र में मिल रहे जनसहयोग और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुभव साझा किए। उप मुख्यमंत्री ने समाज के प्रति चिकित्सकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए सुमन पंचायत के निर्माण के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

निवाड़ी जिले के पीएचसी ओरछा के डॉ. दिव्यांशु ककर तथा दमोह जिले के पीएचसी तारादेही के डॉ. धर्मेंद्र यादव ने अपने कार्यक्षेत्र की जानकारी दी। डॉ. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन लगभग 25 से 30 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आते हैं। छतरपुर जिले के पीएचसी गढ़ी मलहरा के डॉ. तनिष्क बिछारिया ने स्वास्थ्य केंद्र में समयबद्ध चिकित्सकीय उपलब्धता एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चिकित्सकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा का यह अनुभव एक अच्छा और संवेदनशील डॉक्टर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और सेवाभाव से करें। संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, बीएमओ सहित नवपद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *