Thursday, November 5खबर जो असर करे |
Shadow

बालेन्द्र सरकार के निर्देशों को अनदेखा, आरएसपी में आंतरिक विवाद तेज

काठमांडू, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने ही पक्ष, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) द्वारा जारी निर्देशों और नीतियों का पालन करने में आक्रामक अनदेखी की है, जिससे दोनों के बीच दूरी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

सत्तारूढ़ आरएसपी ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी चिंताएँ दोहराई हैं और चेतावनी के साथ निर्देश जारी किए हैं। परन्तु पार्टी की मांगों को बड़े पैमाने पर नज़रअंदाज़ किया गया। पार्टी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ मानी जाने वाली गतिविधियों पर चिंता जताई, जबकि प्रधानमंत्री शाह ने लगातार इन निर्देशों को अनदेखा किया।

13 जुलाई को, मीडिया संस्थानों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष के आवास के सामने वाहन खड़े कर रास्ता अवरुद्ध किया गया। यह घटना सरकार से जुड़े लोगों से जुड़ी मानी गई। मीडिया के प्रवेश द्वार पर वाहन खड़े करने की खबरों के तुरंत बाद आरएसपी के महासचिव बिपिन आचार्य ने बयान जारी कर सरकार का ध्यान इस मामले पर खींचा, और उन पर कार्रवाई की माँग की।

ऑनलाइन समाचार, हिमालय टेलीविजन और कान्तिपुर जैसे बड़े मीडिया संस्थानों के प्रवेश द्वारों पर सरकार के करीबी लोगों ने वाहन खड़े किए, कहा कि यह पासपोर्ट विभाग के सामने गणेश नेपाली द्वारा आत्मदाह के बाद मीडिया के खुला स्थान पर पार्किंग के समर्थन में अपनाई गई स्थिति के जवाब में था। प्रधानमंत्री के करीबी लोगों ने इस कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि पार्टी ने इसका विरोध किया। आचार्य ने कहा, “स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की जीवनरेखा है।”

पार्टी ने मीडिया की भौतिक व मानसिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की। लेकिन प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार कुमार बेन और गृह मंत्री सुदन गुरुङ के करीबी लोगों को कथित तौर पर मीडिया संस्थानों के रास्ते रोकने में शामिल किया गया।

पिछले सप्ताह भी ऐसी ही स्थिति दोहराई गई: सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया संस्थानों में प्रवेश कर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया। नेपाल प्रेस के पत्रकार विश्वमणि सुबेदी को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा किया गया। पुलिस ने बिना गिरफ्तारी वारंट के “नया पत्रिका” के कार्यालय में एक पत्रकार को हिरासत में लेने के लिए पहुँच बनाई। 30 अक्टूबर को पुलिस ने मोटिवेट न्यूज के संपादक शोभराज बराल और डीएनए खबर के

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *