
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 2‑3 नवम्बर को पोलैंड की राजधानी वारसॉ का आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने दो‑दिनीय कार्यक्रम के भाग के रूप में कई उच्च‑स्तरीय बैठकों का आयोजन किया, जहाँ आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करने के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे उभरते क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी के अवसरों को उजागर किया गया।
जितिन प्रसाद ने वारसॉ में प्रमुख उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत संवाद किया। उन्होंने भारत‑पोलैंड व्यापार साझेदारी को गहरा करने की अपील की और भारत‑यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के तहत उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस दौर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि जितिन प्रसाद के साथ 12 भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों वाला एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था। प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जितिन प्रसाद ने पोलैंड के उप‑प्रधानमंत्री और डिजिटल मामलों के मंत्री क्रिस्तोफ़ गाव्कोव्स्की के साथ एआई, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग को विस्तारित करने पर भी विस्तृत बातचीत की। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास, उत्पादन सुविधाओं की स्थापना और आपूर्ति श्रृंखला के सुदृढ़ीकरण के लिए संभावित कदमों पर सहमति जताई।
समापन में, जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत‑पोलैंड संबंधों को नई तकनीकों के माध्यम से भविष्य‑सुरक्षित बनाना दोनों देशों के लिए आर्थिक विकास और रणनीतिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
