
रांची, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। एक्सट्रीम बार में डीजे संदीप प्रमाणिक की हत्या के मामले पर झारखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान, न्यायालय के निर्देश पर सुपरियर पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भी उपस्थित रहे, जहाँ अदालत ने उन्हें पूछताछ की। अदालत ने बताया कि प्रथम दृष्टि में यह प्रतीत होता है कि मामले का अनुसंधान सही ढंग से नहीं हुआ, तथा कई महत्वपूर्ण साक्ष्य रिकॉर्ड में शामिल नहीं किए गए।
न्यायालय ने एसएसपी को निर्देश दिया कि वे ट्रायल में प्रस्तुत साक्ष्यों के रिकॉर्ड का अध्ययन करें और अनुसंधान में हुई त्रुटियों की पहचान कर 30 नवंबर तक रिपोर्ट सौंपें। इसके अलावा, अदालत ने एसएसपी को अगली सुनवाई के दिन भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के लिए कहा। सुनवाई के दौरान एसएसपी ने बताया कि एक अनुसंधानकर्ता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मामले में प्रतिवादी तुषार कांति दास के वकील अनुराग कश्यप ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार के पक्ष में महाधिवक्ता रोहित राय ने पैरवी की।
अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने इस मामले में अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत 10 दोषियों को नौ‑नौ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई तथा प्रत्येक पर 50‑50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सभी को गैर‑इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया। सजा पाने वालों में अभिषेक सिंह, अशोक कुमार सिंह, मोहम्मद शामिरुदीन, प्रतीक, मृत्युंजय कुमार, प्रकाश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, अलोक दीवा, पंकज कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं।
मुद्दे के अनुसार, 26 मई 2024 की देर रात रांची के एक्सट्रीम बार में डीजे संदीप प्रमाणिक को गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में कुछ युवकों ने बार के कर्मचारियों के साथ विवाद किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई
