
धार, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। लगभग 20 साल की सरकारी सेवा‑काल में शेरसिंह ठाकुर ने कुल वेतन के रूप में लगभग 65 लाख रुपये प्राप्त किए, जबकि इस अवधि में उनके नाम पर दर्ज संपत्तियों और खर्चों का अनुमान 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपये से अधिक है। यह विसंगति लोकायुक्त के आदेश पर तीन अलग‑अलग टीमों द्वारा एक साथ सोडपुर, नालछा और मांडव में किए गए छापेमारी में सामने आई, जहाँ प्रारम्भिक जाँच में 271 प्रतिशत से अधिक अनुपातहीन संपत्ति का पता चला।
जांच की अगुआई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में हुई। सोडपुर में 2400 वर्गफीट क्षेत्रफल वाला दो मंजिला आलीशान घर पाया गया, जिसकी लागत का आंकड़ा 97 लाख रुपये बताया गया। मांडव रोड तिराहे (नालछा) में 1350 वर्गफीट का व्यावसायिक इमारत मिली, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, पत्नी के नाम पर मांडव में 2.526 हेक्टेयर कृषि भूमि (लगभग 42 लाख रुपये मूल्य) और सोडपुर में 0.645 हेक्टेयर (लगभग 8 लाख रुपये) की भूमि का भी पता चला।

वाहनों और कृषि उपकरणों की सूची में जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, <३>महिंद्रा टीयूवी, ऑल्टो कारब>, बुलेट मोटरसाइकिल तथा विविध आधुनिक कृषि यंत्र शामिल हैं, जिन पर लगभग 53 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अतिरिक्त ट्रैक्टर‑ट्रॉलियों की स्वामित्व पर भी जांच चल रही है और कुछ दस्तावेज़ बेनामी होने के कारण उनकी वास्तविक मालिकाना स्थिति स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं।
डॉक्यूमेंट‑जाँच में डीएसपी आनंद चौहान, टीआई आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया सहित कई टीमों ने बैंक खाते, लॉकर, भूमि रजिस्ट्रियों और लेन‑देनों की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है। यदि अतिरिक्त संपत्तियों की पुष्टि हो जाती है, तो कुल अनुपातहीन धनराशि ढाई करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है।
वर्तमान में मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) तथा 13(2) के तहत दर्ज किया गया है। सभी दस्तावेज़ों और संपत्तियों के मिलान के बाद ही अनुपातहीन संपत्ति‑आय अंतर की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।
