
काठमांडू, 04 नवंबर (हि.स.)। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल में अपने समकक्ष अमृत राई के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस मुलाकात में मुख्य चर्चा का विषय प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत यात्रा के एजेंडे पर रहा।
मिस्री ने बताया कि बुधवार को हुई इस बैठक का मुख्य बिंदु प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से संबंधित विभिन्न रणनीतिक पहलें हैं, जिनके लिये एक विस्तृत कार्यसूची तैयार की गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यसूची पर आगे नेपाली विदेश सचिव के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
बातचीत के दौरान भोटेकोशी बाढ़ से हुए विनाश के बाद नेपाल के बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण व पुनर्वास के लिये भारत की सहायता की इच्छा पर बल दिया गया। मिस्री ने उल्लेख किया कि बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढाँचे को गंभीर क्षति पहुँचाई है और भारत पुनः निर्माण में सहयोग के लिये तत्पर है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने लंबे समय से टके हुए मुद्दों को सुलझाने के साथ‑साथ चल रही महत्वपूर्ण पहलों के कार्यान्वयन में भी प्रगति की है, जिसके लिये दोनों देशों के अधिकारियों की सराहना की जानी चाहिए।
मिस्री ने दोनों देशों के बीच “विशिष्ट संबंध” का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल‑भारत ने हमेशा सुख‑दुख, हर परिस्थिति में एक‑दूसरे के साझेदार के रूप में कार्य किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भोटेकोशी बाढ़ के बाद उत्पन्न कठिन परिस्थितियों में यह संबंध व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित हुआ।
भारत ने आपदा के बाद तुरंत सहायता प्रदान की, परन्तु बाढ़ द्वारा हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए, भारत अब पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास कार्य में आगे के प्रोजेक्ट प्रस्तावों पर विचार करने को तैयार है। मिस्री ने कहा कि इस विषय पर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और नेपाल के नेतृत्व के साथ विस्तृत जानकारी साझा कर आगे की कार्यवाही करने की इच्छा व्यक्त की गई।
अंत में उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों और सहयोग को आगे बढ़ाने हेतु अधिकारियों द्वारा किए गये प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में भी इस सहयोग को जारी रखने का भरोसा जताया।
