
सुलतानपुर, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में खनन माफियाओं द्वारा नायब तहसीलदार और दो लेखपालों पर किए गए हमले के आरोपी पाँच बदमाशों को पुलिस ने दो अलग‑अलग स्थानों पर मुठभेड़ में गिरफ़्तार किया। मुठभेड़ के दौरान दो सगे भाइयों सहित तीन आरोपियों को पैर में गोली लगी। पुलिस ने कुल पाँच बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से पिस्टल, तमंचा, गाड़ियाँ और डंपर बरामद किए।

पहला मामला कोतवाली नगर के खैचला गाँव में हुआ, जहाँ पुलिस ने राहुल सिंह, नौशाद और मनोज सिंह को पकड़ लिया। इस दौरान राहुल सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस ने बताया कि राहुल सिंह अमिलिया कला, थाना कोतवाली नगर का निवासी है, नौशाद प्रतापपुर, थाना बंधुआकला से है और मनोज सिंह रवनिया, थाना करौंदीकला से है। इन तीनों से 32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और स्कॉर्पियो कार जब्त किया गया। साथ ही अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले चार डंपर भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार राहुल सिंह के खिलाफ सुलतानपुर जिले के विभिन्न थानों में दस केस दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कहा कि राजस्व टीम पर हुए हमले के बाद वांछित आरोपियों के साथ वांछित थाना में मुठभेड़ हुई, जहाँ दो आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इन दो आरोपियों को संदीप सिंह और प्रशान्त सिंह के रूप में पहचान लिया गया। संदीप सिंह अमिलिया कला, थाना कोतवाली नगर का निवासी है, जबकि प्रशान्त सिंह नकाहा महमूदपुर, थाना गोसाईगंज से है।
मुठभेड़ के स्थल से 315 बोर का एक देशी तमंचा, 0.12 बोर का एक देशी तमंचा, दोनों बोर के एक‑एक जिंदा कारतूस और एक‑एक खोखा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने घटना स्थल से बिना नंबर प्लेट वाली काली थार कार भी प्राप्त की। दर्ज जानकारी के अनुसार, संदीप सिंह के खिलाफ पहले से छह केस दर्ज हैं। सभी पाँच गिरफ्तारियों के बाद, पुलिस ने क्षेत्र में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई को तीव्र करने की बात दोहराई।
