
नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अनिवार्य नवीनीकरण शुल्क का भुगतान न करने के कारण बुधवार को आठ निवेश सलाहकारों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। सेबी के अनुसार, कार्वी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सर्विसेज लिमिटेड, आईडीएफसी अल्टरनेटिव्स लिमिटेड, सैगासिस इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, तथास्तु इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, क्वांट कैपिटल, अर्कानिस कैपिटल, इरा वेल्थ एडवाइजर और इंडियानिवेश इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के पंजीकरण प्रमाणपत्र अब निवेश सलाहकार के रूप में प्रभावी नहीं रहे।
सेबी ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण रद्द होने से इन इकाइयों की पिछली गतिविधियों से उत्पन्न देनदारियों के लिए जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। वे अभी भी रिकॉर्ड रखने, निवेशकों की शिकायतों को सुलझाने, ग्राहकों को सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने और लागू नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करने के लिए उत्तरदायी रहेंगी।
सेबी (निवेश सलाहकार) विनियम‑2013 के तहत पंजीकृत निवेश सलाहकारों को हर पाँच साल में नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करके पंजीकरण वैध बनाये रखना आवश्यक है। इस शुल्क का न चुकाने पर नियामक के पास पंजीकरण रद्द करने का अधिकार होता है, जैसा कि इस बार के आदेश में लागू किया गया।
रद्द किए गए सलाहकारों को अब भी अपने ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा, जिसमें निवेश पोर्टफोलियो का उचित प्रबंधन, ग्राहक डेटा की सुरक्षा और नियामकीय रिपोर्टिंग शामिल है। यदि इन दायित्वों का उल्लंघन होता है तो अतिरिक्त दंड या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
यह कदम नियामक की यह पुष्टि करता है कि वह बाजार में पारदर्शिता, अनुशासन और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाता रहेगा, विशेषकर जब पंजीकरण नवीनीकरण जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी की जाती है।
