
काठमांडू, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल ने भारत से लगभग 3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर) के रियायती ऋण एवं अनुदान की मांग की है। यह प्रस्ताव विक्रम मिस्री, भारत के विदेश सचिव, की आज‑कल की दो‑दिन की नेपाल यात्रा के दौरान उन्हें प्रस्तुत किया जाएगा। बालेंद्र शाह की 23‑24 नवंबर को होने वाली भारत यात्रा के दौरान इस आर्थिक सहायता पैकेक को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है, इसलिए इस यात्रा को लेकर विदेश सचिव मिस्री ने काठमांडू पहुँच कर एजेंडा को निश्चित किया है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कुल 1 अर्ब अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण, 50 क्रोर डॉलर का अनुदान तथा भोटेकोशी बाढ़ के पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त 50 क्रोर डॉलर सहित 2 अर्ब डॉलर से अधिक की सहायता की मांग की है। विदेश एवं वित्त मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस विषय पर प्रारम्भिक चर्चा होगी। भारत के नए नियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला ने मंगलवार को काठमांडू पहुँच कर इस प्रक्रिया में सहयोग दिया है।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले की अक्टूबर में भारत यात्रा के दौरान प्रारम्भिक प्रस्ताव पेश किया गया था। अब प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत सूची और आवश्यक निधियों का विवरण मिस्री की यात्रा के दौरान नई दिल्ली को सौंपा जाएगा। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान पैकेज पर पूर्ण बातचीत और घोषणा की संभावना है।
नेपाल के विदेश सचिव अमृत राई ने कहा, “विभिन्न सरकारी निकायों से परामर्श के बाद तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, हम नई दिल्ली से 1 अर्ब अमेरिकी डॉलर से अधिक का रियायती ऋण चाहते हैं, जिसे मुख्यतः ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण एवं अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में प्रयोग किया जाएगा।” विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मंगलवार को विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों को बैठक बुलाकर मिस्री के साथ प्रस्तुत की जाने वाली परियोजनाओं की सूची पर चर्चा की।
रियायती ऋण के अतिरिक्त, नेपाल सिद्धार्थ राजमार्ग के उन्नयन के लिए 50 क्रोर अमेरिकी डॉलर का अनुदान और भोटेकोशी बाढ़ के पुनर्निर्माण के लिये समान राशि की माँग कर रहा है। इन दोनों मांगों को भी प्रस्तावित आर्थिक सहायता पैकेज में शामिल किया गया है।
