
हजारीबाग, 04 नवंबर (हि.स.) – हजारीबाग में बुधवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पटना शाखा ने जाली नोटों के नेटवर्क से संबंधित मामले में दो घरों पर एक साथ छापेमारी की। दोनों मकान बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के हुरहुरू में स्थित, बाबा पथ के सुभाष बारला मार्ग पर थे। इन घरों के मालिक दो भाइयों, प्रदीप साव और उदय साव, के होने का दावा कर रहे हैं।
एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुँच कर दोनों घरों का एक ही समय पर तलाशी शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान घरों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गये और बाहरी लोगों के अंदर आने-जाने पर रोक लगा दी गयी। आसपास के निवासियों को भी घरों के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गयी, जिससे इलाके में हलचल मच गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एनआईए एक देशव्यापी जाली नोट नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच कर रही है। एजेंसी को यह सूचना मिली थी कि हजारीबाग के इस इलाके से जाली नोटों के कारोबार के तार जुड़े हो सकते हैं, तथा संभावित हवाला लेन-देन की भी जांच चल रही है। इन तथ्यों के आधार पर टीम ने दोनों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी के दौरान, एनआईए की टीम ने दोनों घरों की अलग-अलग तलाशी ली। अधिकारियों ने दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात की जांच की। घर में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई। शोध का मुख्य फोकस जाली नोटों के कारोबार और संभावित हवाला नेटवर्क से जुड़े साक्ष्य जुटाना था।
सभी खोज कार्य सुबह से जारी रहे, और दोनों घरों की जांच पूरी होकर टीम ने क्षेत्र छोड़ा। इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। तलाशी में क्या मिला, इसकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
एनआईए और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। तलाशी में मिले संभावित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की आगे की जाँच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी।
