
रायपुर, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत बालोद जिले की बालिका मोनिका बघेल को 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर एक बार में 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। यह राशि भारत सरकार की ओर से मोनिका के बैंक खाते में अंतरित कर दी गई। इस विशेष अवसर पर जिला कलेक्टर ने मोनिका को एक डेमो चेक प्रदान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उपकलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही गैर‑संस्थागत देखरेख एवं संस्थागत देखरेख के संरक्षण अधिकारी, मिशन शक्ति के परियोजना समन्वयक, मिशन वात्सल्य के अधिकारी‑कर्मचारी तथा मोनिका के संरक्षक भी मौजूद थे।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को कोविड‑19 महामारी से प्रभावित उन बच्चों को सहायता देने के उद्देश्य से की गई थी, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता‑पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता‑पिता को खो दिया था। योजना के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे के नाम पर 10 लाख रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद बच्चे को 23 वर्ष की आयु तक मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है। 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कॉर्पस फंड की 10 लाख रुपये की राशि एकमुश्त प्रदान की जाती है।
योजना में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। स्कूल शिक्षा के लिए आयु के अनुसार विद्यालय में प्रवेश और उच्च शिक्षा के लिए शैक्षणिक सहयोग की व्यवस्था भी योजना का हिस्सा है। यह सहायता बच्चों को सुरक्षित भविष्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग देने का उद्देश्य रखती है।
