
दिल्ली, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। नई दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आज दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप में आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान सहित 11 आरोपियों के खिलाफ दायर मामलों में फैसला टाल दिया। विशेष जज दिग्विनय सिंह ने कहा कि अभी तक फैसला तैयार नहीं हुआ है, इसलिए अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों को उस तिथि से पहले शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी और बताया कि 17 अक्टूबर को सभी पक्षों की दलीलें सुरक्षित रख ली गई थीं।
पहले 1 मार्च 2023 को सभी आरोपियों को जमानत दी गई थी, जबकि 3 नवंबर 2022 को कोर्ट ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया था। चार्जशीट में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और धारा 13((1)(डी) के तहत दंडित करने का निर्देश दिया गया।
इस मामले की जाँच 23 नवंबर 2016 को दर्ज की गई एफआईआर से शुरू हुई। बाद में सीबीआई ने 21 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। चार्जशीट में बताया गया कि अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और अन्य सह‑आरोपीयों के साथ साजिश रचकर कई पदों पर अनियमित नियुक्तियां करवाईं, जिससे पद का दुरुपयोग हुआ।
इसके बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया। 9 जनवरी 2024 को ईडी ने लगभग पाँच हजार पृष्ठों की चार्जशीट प्रस्तुत की, जिसमें जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी, जीशान हैदर सहित कई नाम शामिल थे। साथ ही ईडी ने साझेदारी फर्म स्काई पावर को भी आरोपी बनाया। कोर्ट ने ईडी द्वारा दायर चार्जशीट पर पहले ही संज्ञान ले लिया है और अगली सुनवाई में सभी आरोपियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।
