
नई दिल्ली, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन तेज़ी का सिलसिला जारी रहा, और सत्र के केवल पहले घंटे में निवेशकों की कुल दौलत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गई। राष्ट्रीय बैंकों के डेटा के अनुसार, राष्ट्रीय संपत्ति‑प्रबंधकों के पोर्टफ़ोलियो में इस वृद्धि को सबसे अधिक लाभ मिला, जबकि व्यक्तिगत निवेशकों ने भी अपनी होल्डिंग्स में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया।
बाजार के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स ने 540 अंक की वृद्धि दर्ज कर 61,200 स्तर को पार किया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 44,800 अंक पर समाप्त हुआ। दोनो मुख्य इंडेक्सों ने तेज़ी के साथ नई ऊँचाइयों को छुआ, और अधिकांश बड़े‑कैप शेयरों में खरीदारों का दबदबा साफ़ दिखा।
भूराजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने के बावजूद, भारतीय बाजार ने स्थिरता का परिचय दिया। पेट्रोकैमिकल सेक्टर के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई, परन्तु सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मा और उपभोक्ता वस्तुओं के स्टॉक्स ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बाजार विश्लेषक रजत वर्मा ने कहा, “विश्व तेल बाजार में ऊपर की ओर दबाव के बावजूद घरेलू निवेशकों ने अपनी जोखिम सहनशीलता दिखा दी है। इस सप्ताह की तेज़ी संकेत देती है कि विदेशी पूँजी भारतीय इक्विटी में वापस आ रही है।” दूसरी ओर, आर्थिक सलाहकार सविता सिंह ने चेतावनी दी, “अति‑उत्साह के चलते मूल्यांकन में असमानता पैदा हो सकती है; निवेशकों को मूलभूत विश्लेषण पर अधिक ध्यान देना चाहिए।”
वॉल्यूम की बात करें तो, निफ्टी‑फ़्यूचर और बैंकों के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जिससे बाजार की तरलता में उल्लेखनीय इजाफ़ा हुआ। भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर भी इस उछाल से कुछ हद तक लाभान्वित हुआ, क्योंकि कई रियल एस्टेट फंडों ने अपनी इक्विटी एक्सपोज़र को बढ़ाया।
समग्र रूप से, आज के सत्र ने दर्शाया कि भारतीय शेयर बाजार मौजूदा अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद अपने निवेशकों को निरंतर लाभ प्रदान करने में सक्षम है, और आगामी ट्रेडिंग सत्रों में भी इसी गति को बनाए रखने की उम्मीद है।
