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आंध्र प्रदेश के ऑंगोल में चक्रवात ‘मुरासु’ ने कर दिया धक्का, 21 उड़ानें रद्द, भारी बारिश की चेतावनी

ऑंगोल, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। गंभीर चक्रवात ‘मुरासु’ ने मंगलवार आधीरात के बाद लगभग एक बजे ऑंगोल के पास लैंडफॉल शुरू किया। इस प्रक्रिया में आसपास की अधिकतम हवाओं की गति 110 किमी/घंटा से 120 किमी/घंटा दर्ज की गई। चक्रवात के और तीव्र होने के कारण चेन्नई और उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर कम से कम 21 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, लगभग तीन बजे तक चक्रवात का उत्तर भाग (इनर स्पाइरल बैंड) जमीन से टकरा चुका था और ‘वॉल क्लाउड’ भी जमीन की ओर बढ़ रहा है। विभाग ने सामान्य ज्वार‑भाटा से लगभग 1.0‑1.5 मीटर ऊँची समुद्री लहरों की संभावना जताई, जिससे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के निचले भाग में जलभराव हो सकता है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में लहरों का स्तर सबसे अधिक रहने की आशंका है। अगले 12 घंटों में दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

ऑंगोल के कोथापटनम बीच में तेज़ हवाओं और भारी बारिश की रिपोर्ट मिली है, और तटीय क्षेत्रों में तेज़ हवाओं का कहर जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग आपातकालीन स्थितियों—जैसे बिजली गुल होना, पेड़ गिरना, दीवारों का ढहना, जलभराव—की सूचना व्हाट्सएप नंबर 9552300009 पर “Hi” लिखकर भेज सकते हैं। इसके बाद मेनू से “Services”, फिर “Murasu Cyclone Issues”, “Report Issue” और “Registration” चुनकर अपना नाम, जिला व मंडल दर्ज करें।

ओडिशा सरकार ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई तेज़ कर दी है। दो नवंबर को चेन्नई हवाई अड्डे से 11 उड़ानें तथा गन्नवरम हवाई अड्डे से इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द की गईं।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला अधिकारियों के साथ टेली‑कॉन्फ्रेंस में चर्चा की, उन्हें सतर्क रहने और चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण किसी की जान नहीं जाने देने का निर्देश दिया। उन्होंने नेल्लोर, प्रकाशम और कोथापटनम तटीय क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली और स्वर्ण ग्राम व स्वर्ण वार्ड कार्यालयों को स्थानीय स्तर पर सही जानकारी पहुँचाने का आदेश दिया।

तमिलनाडु ने मदद के तौर पर नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की तीन टीमें (90 कर्मी) और बिजली विभाग की 25 टीमें (500 कर्मी) भेजी हैं, जबकि कर्नाटक ने 500 कुशल बिजली कर्मियों व आवश्यक उपकरण भेजने की घोषणा की है। ओडिशा के दक्षिणी जिलों—गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मल्कानगिरी—में भी भारी बारिश की आशंका है, और कुछ स्कूलों को 3 नवंबर तक बंद कर दिया गया है।

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