
भोपाल, 03 नवंबर (हिस) – मध्य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और उससे जुड़े मामलों को लेकर जितू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि खातेगांव में अवैध शराब की तस्करी रोकने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत का मामला गंभीर है और यह राज्य की कानून‑व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।
जितू पटवारी ने अपने सोमवार को जारी मीडिया ब्रीफ़ में बताया कि खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी और उनकी टीम ने नेमावर रोड हाईवे पर शराब तस्करी को रोकने के लिये कार्रवाई की। उसी दौरान तस्करी में उपयोग हो रहे ट्रक के चालक ने कथित तौर पर उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। वह घटना अवैध शराब के व्यापार से जुड़े अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है, उन्होंने कहा और सरकार से आग्रह किया कि इस नेटवर्क के सभी शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँ।
वहीं, सागर और देवास के हालिया मामलों का भी उल्लेख किया गया। सितंबर 2026 में सागर जिले के नौराजा, घूघरा खुर्द और आसपास के गांवों में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौतें हुई थीं। अक्टूबर 2026 में देवास जिले के चंदाना‑बिंजाना और निकटवर्ती क्षेत्रों में समान संदिग्ध शराब से मौतों के मामले सामने आए। इन जांचों में नकली शराब तैयार करने, रसायनों की खरीद और लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पाँच स्पष्ट सवाल पूछे गये: (1) अवैध शराब का व्यापार कैसे चल रहा है और रोकथाम के लिए कौन‑सी कार्रवाई की जा रही है? (2) खातेगांव में हुई थानेदार की मौत के पीछे के नेटवर्क पर कब कार्रवाई होगी? (3) सागर एवं देवास में हुई मौतों के जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी? (4) पुलिस व आबकारी विभाग की निगरानी के बावजूद शराब की आपूर्ति कैसे बनी रह रही है? (5) क्या सरकार पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करके इसे जड़ से खत्म करेगी?
प्रदेश कांग्रेस ने सभी तीन घटनाओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दिवंगत थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता व सम्मान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अवैध शराब के व्यापार को रोकने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिये कौन‑से ठोस कदम उठाए जाएंगे।
