
सागर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग‑44 के पास एक घायल बाघ का पता चलने से स्थानीय स्तर पर अराजकता मच गई। बताया जा रहा है कि बाघ नौरादेही टाइगर रिजर्व के लगे बरकोटी के जंगल के भीतर गुरुचौपड़ा के पास लंगड़ाते हुए सड़क के किनारे बैठा मिला। प्रारंभिक सर्वेक्षण से अनुमान है कि तेज गति से गुजर रहे अज्ञात वाहन की टक्कर से बाघ को गंभीर चोटें लगी होंगी।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम तुरंत स्थल पर पहुँची और बचाव कार्य शुरू किया।现场 पर मौजूद कई गवाहों के अनुसार, बाघ की स्थिति अत्यंत ख़तरनाक थी; वह लंगड़ाकर चल रहा था और ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। स्थानीय लोगों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने भी कहा कि बाघ संभवतः सड़क पार करने के दौरान वाहन की चपेट में आ गया होगा।
बाघ को देख कर राहगीरों की भीड़ जम गई। भीड़ के कारण बाघ ने पत्थरों के पीछे छिपने की कोशिश की, जिससे बचाव कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। वन विभाग ने सुरक्षा कवच स्थापित कर, रेस्क्यू दल को घातक स्थितियों से बचाते हुए बाघ को सुरक्षित स्थान तक ले जाने के उपाय किए। टीम ने बाघ को स्थिर करने के लिए विशेष जाल और ट्रैकिंग उपकरण का प्रयोग किया और तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की।
आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस प्रकार का वाहन टकराया और क्या वह चालक कोड के अनुसार चल रहा था या नहीं। इस बीच, वन विभाग ने बाघ की हालत का निरंतर निगरानी करने का आदेश दिया है तथा स्थानीय लोगों को चेतावनी दी गई है कि वन्यजीवों के निकट किसी भी प्रकार की असावधानी न बरती जाए। अधिकारियों ने बताया कि यदि बाघ की स्थिति में सुधार नहीं आता है तो उसे उपचारात्मक शरणस्थल में स्थानांतरित किया जाएगा।
