
भोपाल, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने आज आयोजित बैठक में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं व सेवाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने वाली अनिवार्य कड़ी हैं। मातृ‑शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार उनके हितों के संरक्षण, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके न्यायसंगत एवं व्यावहारिक माँगों का नियमानुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
मंत्री भूरिया ने सोमवार को मंत्रालय में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस मंच पर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबित माँगों, सेवा‑सम्बन्धी समस्याओं तथा कार्य‑परिस्थितियों में सुधार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मानदेय में वृद्धि, नियमितीकरण, कार्यस्थल सुरक्षा व आवश्यक सुविधाओं सहित कई प्रशासनिक विषयों से जुड़ा माँग‑पत्र मंत्री भूरिया को सौंपा।
मंत्री ने माँगों को ध्यानपूर्वक सुना और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विषय का नियमानुसार परीक्षण कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की समस्याओं का समय‑बद्ध निराकरण विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। उन मामलों में जहाँ समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, प्रक्रिया में किसी भी विलंब को रोकने तथा आवश्यक कार्रवाई को तुरंत सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। बेहतर कार्य‑पर्यावरण और कल्याणकारी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये निरंतर प्रयास जारी हैं।
बैठक में संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं व सुझावों को विस्तृत रूप से रखा। उन्हें विभाग द्वारा किए जा रहे कल्याणकारी प्रयासों व विभिन्न माँगों के संबंध में दिए गये स्पष्टीकरणों पर संतोष व्यक्त किया। इस सत्र में सचिव, महिला बाल विकास जी.व्ही. रश्मि, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर तथा मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की प्रदेश महामंत्री सुनीता त्रिपाठी उपस्थित थे।
