
नैनीताल, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कैरिबेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक लगाने तथा उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की याचिका पर अभी तक कोई राहत नहीं प्रदान की। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद इस मामले को आगे की कार्यवाही के लिए दूसरी पीठ को सौंप दिया है।
याचिकाकर्ता गिरधारी लाल साहू ने कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा पूरी तरह से झूठा है और उन्हें बेवकूफी से फँसाया गया है। याचिका में बताया गया कि उन्होंने और रेखा आर्या की शादी वर्ष 2004 में की थी और तब से वे एक साथ हैं।
एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए रेखा आर्या से विवाह किया, जबकि शादी के समय वे पहले से ही विवाहित थे। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जालसाजी करके मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए और उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पद से हटाया। अन्य आरोपों में मंत्री को जान से मारने की धमकी देना और जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करना भी शामिल है।
इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि रेखा आर्या ने 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित की है, और इस कारण जांच को पुनः आरम्भ किया जाना चाहिए।
वर्तमान में, कोर्ट ने याचिका पर कोई तत्काल राहत नहीं दी है और मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ को भेज दिया है, जिससे आगे की कार्यवाही का मार्ग खुला रहेगा।
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