
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय‑I ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई और गुजरात में लगभग 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई नविन चिचकर तथा अन्य आरोपितों द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय (POC) का पता लगाने, उसके आगे हुए हस्तांतरण और लेयरिंग की जांच हेतु की गई।
ईडी के अनुसार, नविन चिचकर और उनके सहयोगियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित नेटवर्क के माध्यम से कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा, एलएसडी तथा गांजे से बने खाद्य पदार्थों की बिक्री की। इन पदार्थों की अधिकांश खेप भारत के बाहर से तस्करी के जरिए लाई गई थी।
जांच की शुरुआत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), मुंबई तथा नवी मुंबई पुलिस की एंटी‑नारकोटिक्स सेल (एएनसी) द्वारा दर्ज मामलों के आधार पर हुई। इन मामलों में मुंबई‑नवी मुंबई में उच्च गुणवत्ता वाले हाइड्रोपोनिक गांजे, कोकीन और बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई थी।
तलाशी के दौरान यह भी सामने आया कि नविन चिचकर ने अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था। मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम सीधे हवाला संचालकों के पास जमा की जाती और बाद में उन्हें USDT या थाई बहत के रूप में भुगतान किया जाता।
ऑपरेशन के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री, डिजिटल उपकरण और मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन की धनशोधन से जुड़े साक्ष्य बरामद हुए। जांच ने यह पुष्टि की कि आरोपियों ने हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आय को भारत से बाहर भेजा। मामले की आगे की जाँच जारी है।
