
भोपाल, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दो अलग–अलग मुद्दों पर सरकार के खिलाफ सवाल उठाए। सबसे पहले उन्होंने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का टिकट मिलने पर इस निर्णय को भाजपा की राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए प्रदेश के नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। सिंघार ने कहा कि पार्टी ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक परिस्थिति और स्थानीय नेतृत्व को नजरअंदाज करते हुए अपनी खुद की राजनीतिक योजनाओं के लिए सीट का इस्तेमाल किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी चर्चाओं के बीच भी, मध्य प्रदेश को भाजपा की राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं बनाना चाहिए।
दूसरा मुद्दा था कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक की मौत और उसके शरीर में छर्रों के मिले होने की खबर। सिंघार ने इस घटना के प्रबंधन पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यदि शावक की मौत के दौरान उसके शरीर में छर्रे पाये गए तो यह वन्यजीव सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के प्रति गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने सरकार से पूछताछ के लिए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का आह्वान किया और यदि किसी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सिंघार ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कब होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी। उन्होंने दोनों मामलों में भाजपा और प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की माँग की।
इस प्रकार, सिंघार ने राज्य के राजनीतिक और पर्यावरणीय दोनों ही मुद्दों पर सरकार के निर्णयों की आलोचना की और स्पष्टता व जवाबदेही की मांग की।
