
कोरबा, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुबह से ही कोरबा जिले के आकाश में काले बादल घने हो गए और लगातार रिमझिम बारिश हुई। इस मौसम के कारण स्कूल के बच्चे, नौकरीपेशा लोग और राहगीर अपने गंतव्य पर पहुँचने के लिए छाता और रेनकोट लेकर घरों से निकल पड़े। बार-बार की वर्षा के चलते तापमान में गिरावट आई और आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 28 और 29 अक्टूबर को पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बनी रहेगी। दक्षिण‑पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनता जा रहा है, जिससे चक्रवातीय परिस्थितियों का विकास हो सकता है और राज्य के मौसम पर असर पड़ सकता है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, अतः लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कृषि विभाग ने भी किसानों के लिये मार्गदर्शन जारी किया है। धान, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की कटाई दो‑तीन दिन टालने का निर्देश दिया गया है। जिन किसानों ने पहले ही फसल कटाई कर ली है, उन्हें उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने तथा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की चेतावनी दी गई है। तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई अभी रोकने का सुझाव दिया गया है, जबकि रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने का मार्गदर्शन दिया गया है।
बेल वाली सब्जियों जैसे लौकी और करेला तथा फल लगे केले के पौधों को बांस के सहारे रखने की सलाह भी जारी की गई है। पशुपालकों को अपने पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखने तथा चारा‑पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील भी की गई है।
भारी बारिश के मद्देनज़र मिनीमाता बांगो बांध के जलस्तर और निकासी पर निगरानी रखी जा रही है, और आवश्यकता पड़ने पर गेट खोले जा सकते हैं। हसदेव नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, नदी के किनारे जाने, पानी में उतरने, नहाने और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने का अनुरोध किया गया है। साथ ही लोगों से अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न देने तथा प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने का आग्रह किया गया है।
