
इंदौर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में एक गंभीर रिश्वत के मामले ने हाल ही में जनता का ध्यान खींचा है। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने बुधवार को जॉन‑13 में पदस्थ उपयंत्री हर्ष गहलोत पर कार्रवाई की और उन्हें शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा।
शिकायत का स्रोत था नायता मुंडला के निवासी सोहेल पटेल, जिन्होंने नगर निगम के पास पानी के टैंकर को अटैच कराने के दौरान एक लंबित बिल का भुगतान कराने के लिए लॉगबुक का सत्यापन करवाई। कुल तीन महीने का बिल ₹1,12,500 का था। पटेल का दावा था कि उपयंत्री गहलोत ने बिल के निपटारे के बदले 6 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली थी।
लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की सत्यता की जाँच के बाद ट्रैप की योजना बनाई। चाणक्यपुरी चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने कार्रवाई के दौरान उपयंत्री को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। यह दर्शाता है कि रिश्वत की माँग में अंतर रहा।
कानूनी तौर पर, लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले को भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया है। आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
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