
जांजगीर-चांपा, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रहार से जिले में मौसम में तीव्र बदलाव देखने को मिल रहा है। निरंतर रिमझिम बारिश के दौर ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है। मौसम की अनिश्चितता और संभावित भारी वर्षा को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संबंधित अधिकारियों और आपदा प्रबंधन एवं बचाव दल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु लगातार निगरानी कर रहा है।
महानदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नदी किनारे स्थित 25 प्रभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को इन गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को मौसम संबंधी परिस्थितियों से अवगत कराने के निर्देश दिए। यदि बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ता है और बाढ़ का खतरा उत्पन्न होता है, तो प्रभावित गांवों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस हेतु लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी रखने को कहा गया।
जिले में बारिश की आशंका को देखते हुए, कृषि प्रधान जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिले में धान की खेती बड़ी संख्या में हो रही है। प्रशासन ने किसानों से मौसम की स्थिति को देखते हुए पककर तैयार धान की कटाई फिलहाल टालने की अपील की है। जिन किसानों ने पहले ही कटाई कर ली है, उन्हें फसल को बारिश से बचाने के लिये सुरक्षित, ऊँचे और सूखे स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि संभावित नुकसान कम हो सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को मौसम और महानदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। यदि परिस्थितियाँ बिगड़ती हैं, तो विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और किसी भी संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
