
नोएडा, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पंजाब नेशनल बैंक के एक शाखा में घटी कथित धोखाधड़ी के मामले में, थाना बीटा दो में एक नागरिक ने रिपोर्ट दायर की है, जिसके अनुसार उसने और अनेक अन्य लोगों ने एफडी और बचत खातों में धन जमा किया था। यह दावा है कि बैंक के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इन खातों से पैसे निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, संतोष नामक एक खाताधारक के पास 1.18 करोड़ रुपये का बैलेंस था, जबकि अब उनका खाता शून्य पर आ गया है। इसी तरह, एक अन्य पीड़ित के पास 1 लाख 38 हजार रुपये थे, जो भी अब गायब हैं। ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने दावा किया कि उनके खाते से 25 लाख रुपये किसी अज्ञात खाते में भेजे गए थे, और बैंक के अधिकारियों ने कहा कि राशि वापस की जाएगी, लेकिन अभी तक कोई रिफंड नहीं मिला।
गौतम, जो बिरौडी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनके पिता के खाते में 94 लाख रुपये थे, लेकिन पैसे निकालने पर पता चला कि राशि उनके खाते में नहीं है। कई खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक में मुआवजा जमा किया था, परंतु बैंक के कर्मचारियों द्वारा हेराफेरी के बाद वह राशि हड़प ली गई।
इस मामले के कारण, आज सुबह से ही बैंक के आसपास बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गया है, और लोगों ने अधिकारियों व कर्मचारियों को तुरंत जेल भेजने की मांग की है। बैंक के लीड मैनेजर विनोद कुमार ने बताया कि बैंक की एंटी-करप्शन टीम ने मामला जांच शुरू कर दिया है, और जो मैनेजर एवं कर्मचारी संदिग्ध पाए गए हैं, उन्हें निलंबित कर दिया गया है। बैंक ने वादा किया है कि अगले तीन से चार दिनों में प्रभावित खाताधारकों को धन वापस कर दिया जाएगा।
