
कोलकाता, 28 अक्टूबर (हिंदी सं.)। नंदन के कमेटी रूम में बुधवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य कोलकाता फिल्म महोत्सव के आगामी संस्करण की तैयारी और बांग्ला फिल्म जगत के भविष्य को लेकर रणनीतिक योजनाओं पर चर्चा करना था। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य की संस्कृति मंत्री अग्निमित्रा पाल ने की, जबकि बांग्ला सिनेमा के कई प्रमुख हस्तियों ने भी उपस्थिति दर्ज की।
बैठक में सूचना एवं संस्कृति विभाग के मुख्य सलाहकार मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी भूमिका निभाते हुए, सह‑मुख्य सलाहकार संदीप राय और पूर्णिमा चक्रवर्ती को भी मंच प्रदान किया। प्रमुख अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी ने भी इस मंच पर भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। इन मुख्य व्यक्तियों के अलावा पापिया अधिकारी, रुद्रनील घोष, हिरण्मय चटर्जी, शर्वरी मुखर्जी और जीत मदनानी सहित कार्यकारी परिषद के कई अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान कोलकाता फिल्म महोत्सव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की रूप‑रेखा, नई फिल्म प्रस्तुतियों की चयन प्रक्रिया और दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नवाचारी विचारों का उल्लेख किया गया। सभी उपस्थित सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्ला सिनेमा की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मान्यता दिलाने की आवश्यकता है।
सत्र के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि अगली महोत्सव के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिसमें नई तकनीकी सुविधाओं, विस्तारित स्क्रीनिंग स्थानों और युवा फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष मंच शामिल होगा। इस प्रकार, इस बैठक को बांग्ला सिनेमा के भविष्य को सुदृढ़ करने और कोलकाता फिल्म महोत्सव को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया।
