
यरुशलम, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय चुनाव समिति के आंकड़ों के अनुसार, इस मंगलवार हुए नेसेट (संसद) चुनाव में लगभग 56.9 लाख मतदाता ने अपने वोट डाल दिए हैं। गिनती के 41.9 % तक पहुँचने पर बेंजामिन नेतन्याहू के लिकुड पार्टी को विरोधी गादी आइजेनकोट की यशार पार्टी से आगे माना गया है। समिति ने बताया कि वर्तमान में नेतन्याहू समर्थकों को 57 सीटें, उनके प्रतिपक्षियों को 47 सीटें मिल चुकी हैं, जबकि शेष 16 सीटें अन्य दलों के पास हैं। यह आंकड़ा 57‑47 की बढ़त दर्शाता है, परन्तु समिति ने कहा कि मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणाम में बदलाव संभव है। दोहरी लिफाफे (डबल एनवेलप) में डाले गए सैनिकों व अन्य विशेष वोटों की गिनती बाद में की जाएगी।
साथ ही, चुनाव के बाद बन रही नई सरकार से पहले ही अक्टूबर काउंसिल ने राज्य जांच आयोग (State Commission of Inquiry) की मांग की है, जो नरसंहार की जांच के लिये स्थापित किया जाएगा।
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थन के प्रभाव को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने अपने “ट्रुथ सोशल” पोस्ट में लिखा, “जब मैंने नेतन्याहू का समर्थन किया, तो पूरा माहौल ही बदल गया,” और यह माना कि उनके endorsement से नेतन्याहू को काफी लाभ मिला है।
इस बीच, टाइम्स ऑफ इज़राइल और यरुशलम पोस्ट की रिपोर्टें बताती हैं कि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है, और परिणामों में अंतिम बदलाव की संभावना को देखते हुए सभी दलों ने धैर्य रखने का आह्वान किया है।
