Wednesday, October 28खबर जो असर करे |
Shadow

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का आईपीओ: शानदार शुरुआत, निवेशकों को 26% लाभ

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त शुरुआत की और उसके आईपीओ निवेशकों को गदगद कर दिया। आईपीओ के तहत शेयर 1,119 रुपये पर जारी हुए। उसी दिन बीएसई और एनएसई दोनों पर इसकी लिस्टिंग 21.4 प्रतिशत के बम्पर प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये पर हुई। इस शानदार शुरुआत के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गया।

लिस्टिंग के पश्चात निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से शेयर कुछ देर में और ऊपर 1,375 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंचा, फिर मुनाफा वसूली के दबाव से 1,357 रुपये पर फिसल गया। दोपहर 1:30 बजे के बाद फिर से तेज़ लिवाली हुई, जिससे शेयर 1,423.90 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा। दिनभर की खरीद बिक्री के बाद यह 1,417.50 रुपये पर बंद हुआ। इस प्रकार पहले दिन के कारोबार में निवेशकों को प्रति शेयर 298.50 रुपये यानी 26.68 प्रतिशत का लाभ हुआ।

इस कंपनी का 30,187.65 करोड़ रुपये का विशाल आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। ओवरऑल 16.36 गुना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 70.52 गुना (एक्स एंकर), नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए 13.72 गुना, 10 लाख से ऊपर वाले एचएनआई के लिए 15.63 गुना और 10 लाख से नीचे वाले एचएनआई के लिए 9.90 गुना, रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 2.76 गुना, शेयरहोल्डर कैटेगरी के लिए 7.25 गुना और एंप्लॉयीज के लिए 2.58 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।

इश्यू के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू के कुल 27 करोड़ शेयर जारी किए गये, 100 प्रतिशत फ्रेश इश्यू पर आधारित था, अतः ऑफर फॉर सेल विंडो के माध्यम से कोई प्रमोटर होल्डिंग नहीं बेची गई। जुटाई गई राशि में से 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के बकाया कर्ज के प्री-पेमेंट में लगाए जाएंगे, शेष राशि कॉर्पोरेट उद्देश्यों और इश्यू खर्चों के लिए उपयोग होगी।

वित्तीय स्थिति के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई: 2023‑24 में 21,434 करोड़ रुपये, 2024‑25 में 26,120.30 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 30,052.70 करोड़ रुपये, तथा 2026‑27 की पहली तिमाही (30 जून 2026) में 7,764.10 करोड़ रुपये।

राजस्व भी लगातार बढ़ रहा है: 2023‑24 में 1,10,175.40 करोड़ रुपये, 2024‑25 में 1,29,333 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 1,49,759.10 करोड़ रुपये, और 2026‑27 की पहली तिमाही में 40,197.90 करोड़ रुपये।

कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव के बावजूद, 2023‑24 में 54,348.90 करोड़ रुपये से 2024‑25 में 73,060.30 करोड़ रुपये, फिर 2025‑26 में 70,781 करोड़ रुपये और 2026‑27 की पहली तिमाही में 61,372.20 करोड़ रुपये तक घट गया।

कुल संपत्ति 2023‑24 में 5,39,580.40 करोड़ रुपये से 2024‑25 में 5,81,233.80 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 6,15,594 करोड़ रुपये, तथा 2026‑27 की पहली तिमाही में 6,22,905.30 करोड़ रुपये तक बढ़ी।

रिजर्व और सरप्लस 2023‑24 में 2,68,927.10 करोड़ रुपये से 2024‑25 में 2,95,083.40 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 3,25,074.40 करोड़ रुपये, तथा 2026‑27 की पहली तिमाही में 3,32,839.50 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।

नेटवर्थ में भी समान प्रवृत्ति: 2023‑24 में 2,77,866.10 करोड़ रुपये, 2024‑25 में 3,04,022.40 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 3,34,013.40 करोड़ रुपये, 2026‑27 की पहली तिमाही में 3,41,778.50 करोड़ रुपये।

ईबीआईटीडीए में 2023‑24 में 54,958.70 करोड़ रुपये, 2024‑25 में 64,170 करोड़ रुपये, 2025‑26 में 76,255.40 करोड़ रुपये और 2026‑27 की पहली तिमाही में 20,864.50 करोड़ रुपये दर्ज हुए।

न्यू दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *