
धमतरी, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इस महीने के कार्तिक मास में प्रमुख धार्मिक पर्वों की शुरुआत के साथ तैयारियाँ पूरी तरह से शुरू हो गई हैं। विप्र विद्वत परिषद धमतरी के अनुसार, देव पंचांग के आधार पर इस वर्ष के प्रमुख तिथियों पर धनतेरस से लेकर सूर्य षष्ठी पूजा तक के पर्व मनाए जाएंगे।
पर्वों की शुरुआत छह नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस से होगी। इसके बाद आठ नवंबर, रविवार को दीपावली और महालक्ष्मी पूजन का आयोजन किया जाएगा। 10 नवंबर, मंगलवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। 11 नवंबर, बुधवार को यम द्वितीया और भाई दूज के दिन भी धार्मिक कार्यक्रम रखे जाएंगे, जबकि 15 नवंबर, रविवार को सूर्य षष्ठी पूजा का प्रमुख आयोजन होगा।
दीपावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, विप्र विद्वत परिषद धमतरी के अध्यक्ष बालेंद पांडे और मीडिया सलाहकार पंडित राजकुमार तिवारी ने कहा, “दीपावली का पर्व धन, वैभव एवं सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी की आराधना का विशेष अवसर है।” उन्होंने आगे बताया कि इस दिन घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर मां महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त माना जाता है।
गोवर्धन पूजा के दौरान, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाता है। भाई-बहन के स्नेह को मजबूत करने के लिए भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों के सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं।
अंत में, सूर्य षष्ठी पूजा में परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना के लिए सूर्य भगवान की उपासना की जाती है। विप्र विद्वत परिषद धमतरी के अध्यक्ष और मीडिया सलाहकार ने सभी निवासियों से अपील की कि सभी पर्वों को श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाए।
