
काठमांडू, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल की स्वास्थ्य आपातकालीन एवं आपदा प्रबंधन इकाई ने हाई अलर्ट के तहत सभी सातों प्रांत की स्वास्थ्य विभागों से आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने की मांग की है। इस दिशा में, इकाई ने प्रत्येक प्रांत के प्रांतीय स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र को आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है।
विभिन्न क्षेत्रों में 29 अक्टूबर से लगातार तीन दिनों तक मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तूफान की संभावना जताई गई है, इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों को सुदृढ़ करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, सभी प्रांतों के केंद्रों को स्वास्थ्य‑संबंधी घटनाओं और स्थितियों की दैनिक रिपोर्ट जीरो रिपोर्टिंग या इंसिडेंट रिपोर्टिंग के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित भारी बारिश से उत्पन्न होने वाले भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव के खतरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। सर्कुलर में इकाई प्रमुख डॉ. हेमंत चंद्र ओझा ने प्रत्येक प्रांत में चौबीसों घंटे संपर्क में रहने के लिए एक आपातकालीन संपर्क अधिकारी नियुक्त करने और उसका संपर्क विवरण इकाई को उपलब्ध कराकर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है।
इकाई ने आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों के साथ आपातकालीन चिकित्सा टीम को तैयार रखने, सहयोगी संगठनों के साथ समन्वय कर उपलब्ध मानव संसाधन, दवाइयाँ, चिकित्सा उपकरण, एंबुलेंस और अन्य संसाधनों की सूची अद्यतन रखने का भी आग्रह किया है। सभी प्रांतीय स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र को एंबुलेंस डिस्पैच सेंटर के साथ निरन्तर समन्वय बनाए रखने और एंबुलेंस सेवाओं की त्वरित एवं प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आपदा के दौरान घायलों और प्रभावित नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।
इकाई ने आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान रोकने, आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तथा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उपायों को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
