
बलरामपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बलरामपुर में बालभोग कार्यक्रम की शुरुआत कर कुपोषित बच्चों को बाहर निकालने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल रामानुजगंज जिला के शंकरगढ़ विकासखंड में लागू की गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत, यहाँ के 967 कुपोषित बच्चों को रोज़ाना पौष्टिक लड्डू उपलब्ध कराए जाएंगे।
ये लड्डू रागी के आटे, श्रीअन्न और सूखे मेवों से तैयार किये गये हैं। रागी का उपयोग इसीलिए किया गया है क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और बच्चों की ऊर्जा के लिये उपयुक्त है। श्रीअन्न को एक प्राकृतिक और पचने में आसान आहार के रूप में चुना गया है, जबकि सूखे मेवे वसा, प्रोटीन और विटामिन का उत्कृष्ट स्रोत हैं। कार्यक्रम के अनुसार, हर बच्चा दिन में एक बार यह पौष्टिक लड्डू खाएगा, जिससे उसे आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, कार्यक्रम का उद्देश्य कुपोषण की समस्या को कम करना और बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को समर्थन देना है। इस पहल से यह आशा जताई गई है कि बच्चों की शारीरिक क्षमता, अध्ययन क्षमता और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार होगा। कार्यक्रम के तहत बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी और यदि आवश्यक हो तो चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस प्रकार, बालभोग योजना के ज़रिए बलरामपुर के 967 बच्चों को रोज़ाना पौष्टिक लड्डू मिलने से उनकी सेहत और भविष्य में सुधार की उम्मीद रखी जा रही है।
