
यरुशलम, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। देश के नेसेट के चुनाव के परिणामों ने बेंजामिन नेतन्याहू की तेज़ आशाओं को धूमिल कर दिया है, हालांकि उनकी लिकुड पार्टी सबसे बड़ा दल बन कर उभरी है। पार्टी का मानना है कि डबल लिफाफे वाले मतों से उसे एकतरफा लाभ मिल सकता है। आज सुबह आधिकारिक तौर पर बताया गया कि डबल लिफाफे वाले मतों की गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।
टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय चुनाव आयोग ने घोषणा की कि गिनती अब शुरू हो गई है। इन डबल लिफाफों में मुख्यतः आईडीएफ के सैनिक, कैदी, चिकित्सक, स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे सामान्य नागरिक और विदेशों में तैनात इज़राइली प्रतिनिधि शामिल हैं। आयोग ने यह भी बताया कि सामान्य मतों की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। कुल 12,018 मतदान केंद्रों में से 11,712 केंद्रों के परिणाम प्रोसेस किए जा चुके हैं, जिनमें 5,126,759 मतदाताओं के वोट शामिल हैं। शेष केंद्रों के लिए अभी मानक सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।
इस बीच चैनल 13 की रिपोर्ट में कहा गया कि बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यवाहक चीफ ऑफ़ स्टाफ इडो नॉर्डेन को हटाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू उनके काम से असंतुष्ट हैं और नॉर्डेन को बैठकों से दूर रखा गया है, जबकि नई नियुक्ति की तलाश चल रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को “गलत” कहा।
अप्रैल में इडो नॉर्डेन ने जिव एगमोन की जगह ली थी, जो विवादास्पद टिप्पणियों के कारण पद छोड़ चुके थे। नॉर्डेन ने इज़राइल के तथाकथित “डीप स्टेट” पर एक किताब भी लिखी है।
अरब नेतृत्व वाली जॉइंट लिस्ट पार्टी ने कहा है कि वह “नेतन्याहू सरकार को सत्ता से हटाने के लिए राजनीतिक सहयोग” करने को तैयार है। अनुमान है कि जॉइंट लिस्ट 12 सीटें जीतकर नेसेट में तीसरी बड़ी पार्टी बनेगी, पर अधिकांश विरोधी दलों ने गठबंधन से इनकार कर दिया है। पार्टी के चेयरमैन यूसुफ जबरीन ने चैनल 13 को बताया, “जो भी नेतन्याहू की खूनखराबे वाली सरकार के सामने ठोस विकल्प चाहता है, उसे हमारे साथ बात करनी होगी, तभी बदलाव का रास्ता साफ हो सकेगा।”
