
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सोमवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि लगभग 49.5 प्रतिशत विश्व जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स अब वैश्विक तथा क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा‑विमर्श और सहयोग के लिए एक प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच बन चुका है।
सत्र में लोकसभा अध्यक्ष और 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के अध्यक्ष ओम बिरला, सदस्य देशों एवं साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख, पीठासीन अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। हरिवंश ने कहा कि सांसद भवन का ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल भारत की दुनिया के सबसे बड़े, जीवंत और सफल लोकतंत्रों में से एक बनने की यात्रा का साक्षी रहा है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, भाषाएँ, परम्पराएँ और सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने आशा जताई कि विदेशी प्रतिनिधि यहाँ से सुखद एवं यादगार अनुभव लेकर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकेंद्रित और मानवता‑प्रथम दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की परिवर्तनकारी सोच अपनाई गई। इस दिशा‑निर्देश के अंतर्गत ब्रिक्स की प्रक्रिया का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आवाज़ और आपसी विश्वास को मजबूती मिली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली घोषणा‑पत्र अपनाया गया, जिसमें वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार तथा अधिक संतुलित, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उद्घाटन सत्र का विषय “जनकेंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना” को प्रासंगिक बताते हुए हरिवंश ने कहा कि दुनिया भर के नागरिक संसदों से उभरती चुनौतियों – आर्थिक अनिश्चितताएं, तकनीकी बदलाव, जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी आपातकालीन स्थिति और सामाजिक असमानताएँ – के प्रभावी समाधान चाहते हैं। तेज़ी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में संसदों को सतर्क, जवाबदेह, सक्रिय और भविष्य की चुनौतियों के लिये तैयार रहना होगा। ब्रिक्स संसदीय मंच पर होने वाली चर्चा से सदस्य देशों को अपने अनुभव साझा करने, एक‑दूसरे से सीखने तथा ऐसी संसदीय कार्यप्रणालियों की पहचान करने का अवसर मिलेगा, जो आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँ।
हरिवंश ने सभी प्रतिनिधियों को सफल और सार्थक विचार‑विमर्श की शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने तथा जनकेंद्रित विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
