
धर्मशाला, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित खनियारा‑योल क्षेत्र में रविवार को घटित पैराग्लाइडिंग दुर्घटना ने दो अंतर्राष्ट्रीय पायलटों को अलग‑अलग भाग्य दे दिया। 47 वर्षीया बुल्गारियाई पायलट मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको की मृत्यु हो गई, जबकि 63 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक स्टीफन एंटनी पर्डी को सफलतापूर्वक बचाया गया। दोनों ने उसी दिन बीड़‑बिलिंग से उड़ान भरी थी और तेज़ हवाओं के कारण राइजिंग स्टार पीक के निकट दुर्घटना का सामना किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मैक्सिम ने 7 अक्टूबर को पर्यटक वीज़ा पर भारत का दौरा किया था। रविवार दोपहर लगभग 3:00‑3:30 बजे के बीच, जब दोनों पायलट खनियारा‑योल के ऊपर उड़ रहे थे, तो अचानक तेज़ हवा ने उनके पैराग्लाइड को अस्थिर कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटना घटित हुई। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद, स्थानीय पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और हिम संसार रेस्क्यू टीम ने मिलकर बचाव कार्य आरम्भ किया।
रात के करीब 9 बजे तक बचाव दल घटनास्थल पर पहुँच गया और पूरी रात खोज‑बीन जारी रखी। अगले दिन, सोमवार सुबह लगभग 10 बजे, बचाव अभियान ने सफलता हासिल की: मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको का शव बरबाद क्षेत्र में पाया गया, जबकि ब्रिटिश नागरिक स्टीफन एंटनी पर्डी को सुरक्षित रूप से निकाल कर निकटतम मेडिकल सुविधा तक पहुँचाया गया। पर्डी की स्थिति को “सुरक्षित” बताया गया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये जोनल अस्पताल धर्मशाला के शवगृह में रखा गया।
इसी दौरान, एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है। लगातार बदलते मौसम, तेज़ हवाओं और पैराग्लाइडिंग के बढ़ते संचालन को देखते हुए, इस घटना ने फिर से इस साहसिक खेल की सुरक्षा मानकों और नियामक उपायों पर सवाल उठाए हैं। सभी संबंधित एजेंसियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिये अतिरिक्त सतर्कता और बेहतर पूर्व‑सतर्कता उपायों को लागू किया जाएगा।
