
गुड़गाँव, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पिंकथॉन डे का चौथा संस्करण इस बार गुरुग्राम में आयोजित हुआ, जहाँ महिलाओं के साथ‑साथ उनके परिवार के सदस्य भी बड़ी उत्सुकता से भाग ले रहे थे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और आर्थिक सशक्तिकरण को उजागर करना और जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की गिनती उल्लेखनीय थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस प्रकार के सामुदायिक इवेंट को स्थानीय जनसंख्या ने कितनी सराहना की है।
इवेंट के मुख्य वक्ताओं में एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट एन. चलसानी शामिल थे। उन्होंने कहा, “पिंकथॉन डे के माध्यम से हम महिलाओं को अपने वित्तीय प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि वे अपना वित्तीय भविष्य सुरक्षित कर सकें।” चलसानी ने आगे बताया कि सोच‑समझकर लिये गये वित्तीय निर्णय और अनुशासित निवेश महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकते हैं और दीर्घकालिक लक्ष्यों को आत्मविश्वास के साथ हासिल करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय समावेशन केवल वित्तीय उत्पादों तक पहुँच ही नहीं, बल्कि महिलाओं को सही निर्णय लेने के लिए आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसर प्रदान करना भी है।
इवेंट के संस्थापक मिलिंद सोमन ने कहा कि हर संस्करण का मूल उद्देश्य स्थानीय समुदायों को एक साझा लक्ष्य की ओर जोड़ना है। उन्होंने कहा, “विभिन्न शहरों में हुई भागीदारी हमारे एम्बेसडर, स्वयंसेवकों और धावक समूहों के अथक प्रयासों को दर्शाती है।” सोमन ने यह भी उल्लेख किया कि भारत, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के 65 शहरों में कुल 168 स्थानों पर इस पहल ने भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने गुरुग्राम में आयोजित इस संस्करण को एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय पहल के हिस्से के रूप में उजागर किया और कहा कि इस तरह की भागीदारी महिलाओं को फिटनेस की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है।
समग्र रूप से, पिंकथॉन डे ने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डाला, बल्कि महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और आर्थिक स्वतंत्रता की ओर भी अग्रसर किया, जिससे यह कार्यक्रम सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता दिखा।
