
धमतरी, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद को सुचारु, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिये जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर, जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धान विक्रय के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाना, सुचारु तौल व्यवस्था, कंप्यूटर, बिजली, इंटरनेट और धान के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने गुणवत्ता जांच, तौल, भंडारण और परिवहन की प्रक्रियाओं को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी तरीके से संचालित करने तथा किसानों को उपज विक्रय एवं भुगतान प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला खाद्य अधिकारी वसंत कुर्राम ने धान खरीदी की तैयारियों, बारदाना उपलब्धता और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और विपणन संघ के अधिकारियों को किसानों के पंजीयन, धान की तौल, अभिलेख संधारण एवं भंडारण संबंधी कार्यों में विशेष सावधानी बरतने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश भी जारी किए।
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को संभावित वर्षा से बचाव के लिए समय पर कृषि सलाह उपलब्ध करानी को कहा। कलेक्टर ने बताया कि पकने की अवस्था में पहुँच चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई मौसम अनुकूल होने तक, जहाँ संभव हो, दो से चार दिन के लिए टालने की सलाह दी। जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उपज को जल्द से जल्द सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखें। खुले में रखी फसल को तिरपाल या अन्य उपयुक्त साधनों से ढंककर सुरक्षित किया जाए, ताकि बारिश से नुकसान न हो।
फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लेकर ही उचित कीटनाशक अथवा कवकनाशक का उपयोग करने तथा बारिश की संभावना के दौरान अनावश्यक छिड़काव से बचने के लिए जागरूक किया जाए। मौसम संबंधी चेतावनी और कृषि सलाह गांव-गांव तक पहुँचाने हेतु कृषि विभाग के मैदानी अमले के साथ पटवारी, ग्राम सचिव और अन्य ग्रामीण कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीद की तैयारियों और फसल सुरक्षा दोनों विषयों पर गंभीरता से काम करने, नियमित निरीक्षण, विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
