
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज के बयान में आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर संबंधी जानकारी के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन करने पर चुनाव आयोग ने इसे “व्यापार रहस्य” बताकर प्रदान करने से इनकार कर दिया। खरगे ने कहा कि लगातार वोट‑चोरी के आरोपों के सामने सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिये हर संभव उपाय अपना रही है।
उन्होंने ट्विटर (एक्स) पर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया। खरगे ने कहा कि 16.18 लाख फॉर्म‑6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है और पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताओं की शिकायत की गई है। इन बिंदुओं को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में फॉर्म‑6, फॉर्म‑7 तथा फॉर्म‑8 की जांच के लिए आदेश देना अनिवार्य हो गया है।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की माँग की और 2023 में पेश किए गए “संरक्षण” कानून को वापस लेने की भी अपील की। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने, कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए गए मतदाताओं के नामों को बहाल करने तथा सभी चुनावी मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने की मांग की।
इन मांगों के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की कि वे एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित “वोट बचाओ‑देश बचाओ” मार्च‑रैली में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह मंच मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में मौजूद समस्याओं को उजागर करने तथा सुधार के लिए जनसमर्थन जुटाने का अवसर होगा।
समग्र रूप से, खरगे का मानना है कि वर्तमान में सरकार का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाना है, जबकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बाधित किया जा रहा है।
