
रांची, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड के हजारीबाग में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत से जुड़ी जांच अब डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी। सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय के सत्र में इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को एक अंडरटेकिंग प्रस्तुत की, जिसमें बताया गया कि अब तक जांच सब‑इंस्पेक्टर (SI) स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही थी, पर अब इसकी जिम्मेदारी DSP रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी।
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि DSP अधिकारी से अनुसंधान करवाकर जांच में तेजी लाई जाए और दो नवंबर तक उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाए। अगली सुनवाई का समय दो नवंबर को सुबह 11:30 बजे तय किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि यह है कि हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र में स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में अनुष्का के शव को संदेहास्पद परिस्थितियों में पाया गया। लगभग तीन वर्ष पहले अनुष्का ने प्रेम विवाह किया था और वह अपने पति के साथ उसी फ्लैट में रह रही थीं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से बताया गया कि अनुष्का की मौत से जुड़े कई पहलू संदेह उत्पन्न करते हैं। शव का मात्र तीन घंटे के भीतर दो बार पोस्टमार्टम किया गया, फिर भी कई सवाल उठे। जिस स्थिति में शव मिला, उसमें उनके पैर जमीन से सटे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान भी मौजूद थे। इन तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर करके पूरी जांच की मांग की है। वहीं अनुष्का के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने अपने दामाद, दामाद के माता‑पिता पर दहेज के लिए बेटी को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने, हत्या करने और शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है।
अब DSP रैंक के अधिकारी अनुसंधान करेंगे और अगली सुनवाई में राज्य सरकार को जांच की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
