
भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के उद्घाटन समारोह को साकार किया। इस कार्यक्रम में कई उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी, RBI के मुख्य अधिकारी तथा तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री ने बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराधियों की बढ़ती धमनियों को रोकना और बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के विशेष डेटा सेंटर का निर्माण और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना से वित्तीय संस्थानों को आधुनिक तकनीकी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
आरबीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि नया डेटा सेंटर अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन और रिडंडेंट सिस्टम से लैस है, जिससे सभी बैंकिंग लेन‑देनों की जानकारी को सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रशिक्षण संस्थान में भविष्य के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने के लिए नवीनतम सॉफ़्टवेयर, सिमुलेशन और प्रयोगात्मक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि डिजिटल इंडिया के तहत बढ़ती ऑनलाइन लेन‑देनों को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह की बुनियादी ढाँचा आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर भारतीय नागरिक को भरोसेमंद और सुरक्षित डिजिटल वित्तीय सेवाएँ मिलें, और इसके लिये हमें साइबर अपराधियों से निरंतर सतर्क रहना होगा।”
उद्घाटन के बाद, उपस्थित प्रतिनिधियों ने भुवनेश्वर में स्थापित इस नई सुविधाओं का निरीक्षण किया और तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी कार्यप्रणाली पर चर्चा की। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के एक प्रमुख कदम के रूप में सराहा गया।
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